रविवार को शिवभक्त हिमलिंग के आखिरी दर्शन करेंगे। उसके बाद किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी। 12 अगस्त को लिद्दर नदी के किनारे पूजन तथा विसर्जन कार्यक्रम के बाद इस वर्ष की वार्षिक यात्रा को समाप्त घोषित कर दिया जाएगा।
यात्रा अधिकारी के अनुसार शनिवार को पहलगाम से रवाना हुए आखिरी दल में कुल 78 शिवभक्त ही शामिल थे। रविवार को किसी को पैदल सफर करने की अनुमति नहीं होगी।
बालटाल के रास्ते रविवार को आखिरी दल गुफा की ओर रवाना किया जाना है। दोपहर 12 बजे के बाद यात्रा द्वार को एक वर्ष के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस रास्ते शनिवार को कुल 279 श्रद्धालु दर्शन को गए।
3,72,271 पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
रविवार को रक्षाबंधन वाले दिन आखिरी दर्शन के साथ ही इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा का समापन हो जाएगा। इस बीच, दशनामी अखाड़े से रवाना हुई पवित्र अमरनाथ छड़ी मुबारक शनिवार को आखिरी पड़ाव पंचतरणी पहुंच गई।
चंदनबाड़ी से शनिवार को आखिरी दल जिसमें 78 श्रद्धालु शामिल थे, गुफा की ओर रवाना किए गए। बालटाल के रास्ते रविवार सुबह आखिरी जत्था रवाना किया जाएगा। 12 अगस्त को पूजन तथा विसर्जन कार्यक्रम के बाद इस साल की यात्रा को अधिकारिक तौर पर समाप्त घोषित कर दिया जाएगा।
यात्रा के दौरान दो और श्रद्धालुओं की मौत के बाद इस बार की यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या 41 हो गई। पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार पंजाब के फिरोजपुर शहर के ज्ञानचंद की पहलगाम में जबकि बिहार के मधेपोरा के बाको दास की शेषनाग में मौत हो गई।
28 जुलाई को आरंभ हुई पवित्र यात्रा के दौरान अब तक 3,72,271 शिवभक्तों ने प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन किए हैं। शनिवार को दर्शन करने वालों की आधिकारिक संख्या 897 बताई गई है।
दो और श्रद्धालुओं की मौत से मरने वालों की संख्या 41 पहुंची
पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार पंजाब के फिरोजपुर शहर के ज्ञानचंद की पहलगाम में जबकि बिहार के मधेपोरा के बाको दास की शेषनाग में मौत हो गई।
पंचतरणी में शनिवार को अमरनाथ छड़ी मुबारक लेकर पहुंचा साधु-संतों का दल रविवार सुबह पवित्र गुफा की ओर छड़ी के साथ इस वर्ष की आखिरी यात्रा शुरू करेगा।
पवित्र गुफा में स्थापित हिमलिंग की यह दल दिनभर पूजा अर्चना करने के बाद सूरज ढलने से पूर्व पहलगाम की ओर वापसी करेगा।