उन्होंने कहा कि उनके यहां आने के पीछे एक ही मुख्य उद्देश था और वो था अपने जवानों और अधिकारियों को शाबाशी देना। पहले से इनपुट के कारण भटनागर ने कहा कि यही कारण था कि हमारे जवान और अधिकारी हमले वाली रात को भी गश्त पर थे और उनकी सतर्कता के चलते तीन फिदायीन हमलावरों में से एक को पहले ही मार गिराया गया जबकि बाकी के दो को एक ब्लाक में ही एंगेज रखा और वहां से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
भटनागर ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुरक्षा बलों का पलड़ा काफी भारी है और उन्हें काफी कामयाबियां भी हाथ लगी हैं। यह सब सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के अच्छे तालमेल का नतीजा है।
आतंकियों द्वारा इस्तेमाल में लाये जाने वाले हथियारों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आरआर भटनागर ने कहा कि आतंकी आजकल आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें हार्ड स्टील कोर है, स्टील जैकेटिड बुल्लेट्स, एबीआईब इस्तेमाल हो रहे हैं, जो काफी प्रभावशाली है लेकिन फिर भी हमारे जवानों ने उनका बड़ी ही बहादुरी से मुकाबला किया।