प्रदेश में कश्मीर के सियासी वर्चस्व को तोड़ने के लिए भाजपा ने परिसीमन आयोग की टीम के दौरे से पहले तीन सूत्री फार्मूला बनाया है। भाजपा चाहती है कि न केवल आबादी के हिसाब से बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों व अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर परिसीमन की कार्रवाई पूरी की जाए। जनगणना में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या को घटाने के साथ ही नए सिरे से वोटर लिस्ट तैयार कर मतदाताओं के अनुपात को दुरुस्त किया जाए।
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रविवार को पार्टी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा गया कि कश्मीरी दलों ने अपने फायदे के लिए वोटर लिस्ट के साथ ही जनगणना में भी व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की है। घाटी में सुरक्षा बलों के जवानों को वर्ष 2011 की जनगणना में शामिल किया गया है। इससे परिसीमन में सीटों का संतुलन बिगड़ेगा। सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या को सूची से बाहर किया जाना चाहिए।
यह भी कहा गया कि जम्मू और कश्मीर में आबादी व वोटर संख्या के अनुपात में व्यापक पैमाने पर अंतर है। कश्मीर में वोटरों की संख्या अधिक है जबकि जम्मू में कम। इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए नए सिरे से वोटर लिस्ट बनाई जाए। भाजपा का मानना है कि जम्मू संभाग की भौगोलिक परिस्थिति कश्मीर की तुलना में काफी जटिल है। कनेक्टिविटी का भी अभाव है।
इस वजह से परिसीमन में केवल जनसंख्या को ही आधार न बनाया जाए बल्कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए परिसीमन किया जाए। भाजपा की चुनिंदा नेताओं की हुई बैठक में परिसीमन आयोग के सामने प्रतिवेदन के बिंदु भी तय किए गए जिसे मुलाकात के दौरान रखा जाएगा।
किश्तवाड़ में देवेंद्र व जम्मू में विबोध के नेतृत्व में आयोग से मिलेगी टीम
जम्मू संभाग में परिसीमन आयोग के दौरे के दौरान किश्तवाड़ में डॉ. देवेंद्र मन्याल व जम्मू में विबोध गुप्ता के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलेगा। पार्टी का शिष्टमंडल प्रतिवेदन सौंपते हुए बिंदुवार चर्चा करेगा। साथ ही वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को दूर करने की मांग रखेगा।