मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्टों की समीक्षा की
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रियासत को आर्थिक स्तर पर मजबूत करने और विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री महबूबा ने सड़क संपर्क नेटवर्क को मजबूत बनाना बेहद अहम बताया। मंगलवार को नेशनल हाईवे प्रोजेक्टों की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे करने के निर्देश जारी किए, कहा कि काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सड़क निर्माण में जुटीं सभी एजेंसियों में समन्वय को और बेहतर बनाना होगा। जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्य के दुर्गम इलाकों में सड़क का निर्माण बहुत मुश्किल काम है। इसके लिए केंद्र सरकार को भी सहयोग करना चाहिए ताकि सभी बाधाओं को दूर किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अपने दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान भी मुख्यमंत्री ने रियासत में सड़कों के विभन्न प्रोजेक्टों पर चर्चा की थी।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि मौसम की विपरीत परिस्थितियों और कानून व्यवस्था की दिक्कतों के कारण पहले ही घाटी में काम करने के सीजन का बहुत सा समय बर्बाद हो चुका है। हालांकि, उन्होंने जम्मू संभाग में प्रोजेक्टों के समय पर पूरा नहीं होने पर नाराजगी भी जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत में पर्यटक सीजन शुरू हो चुका है, अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाली है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि समय रहते जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर जहां भी सड़क मार्ग की हालत ठीक नहीं है, वहां उसे दुरुस्त किया जाए। श्रीनगर-काजीगुंड हाईवे की सिधाई के काम में मैन पावर और मशीनरी की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
मुगल रोड पर टनल निर्माण को भी प्राथमिकता देने का फैसला
रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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बनिहाल-काजीगुंड और काजीगुंड-श्रीनगर हाईवे का अब तक सिर्फ 50 फीसदी ही काम होने पर सख्त नाराजगी जताई। इस दौरान पीडब्ल्यूडी सचिव रोहित कंसल ने मुख्यमंत्री को बताया कि भूमि अधिग्रहण के 96 फीसदी मामलों को पूरा कर लिया गया है। दोनों राजधानियों के सड़क प्रोजेक्टों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 42, 668 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए गए हैं।
साथ ही बताया कि चार नये प्रोजेक्ट जिनमें कारगिल-जंस्कार, श्रीनगर-शोपियां-काजीगुंड, जम्मू-अखनूर-पुंछ और चिनैनी-सुद्धमहादेव-गोहा शामिल हैं का भी 13,300 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री को बताया गया कि जम्मू और श्रीनगर शहरों में रिंग रोड के निर्माण के लिए रियासत सरकार को 10 फीसदी ही खर्च करना होगा जबकि 90 फीसदी खर्च केंद्र उठाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों को नेशनल हाईवे वन अथारिटी की ओर से संबंधित जिलाधिकारियों को इंडेंट दिए जाने के तुरंत बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए।
चिनैनी से पत्नीटॉप तक सड़क मार्ग की खस्ताहालत को सुधारने के साथ ही मुगल रोड को आल वेदर रोड बनाने के लिए टनल निर्माण को भी प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। समीक्षा बैठक में रियासत में चल रहे अन्य हाईवे ओर टनल प्रोजेक्टों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।