क्षेत्र के एक स्कूल के चौकीदार को बंधक बनाने के बाद स्कूल बस लेकर भागे तीन नकाबपोशों ने सनसनी फैला दी। तीनों अपने को पाकिस्तानी नागरिक बता रहे थे और लखनपुर जाने की बात कर रहे थे।
घटना के बाद सेना तथा पुलिस ने क्षेत्र में सर्च आपरेशन चलाया, लेकिन नकाबपोशों का कहीं पता नहीं चला। बस स्कूल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर मिल गई, जिसके शीशे टूटे थे।
नकाबपोश चौकीदार का मोबाइल भी ले गए हैं, जो अब बंद है। मुस्सा चक्क के सनसाइन पब्लिक स्कूल की दीवार फांदकर तीन नकाबपोश दाखिल हुए। उन्होंने चौकीदार दौलत राम से दरवाजा खुलवाया और उसे बंधक बना लिया।
स्कूल की ली गई तलाशी
उसकी पिटाई की। इसके बाद स्कूल की चाबियां मांगीं। कार्यालय की आलमारी भी तोड़ दी, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद वाहनों की चाबी मांगी।
चाबी नहीं मिली तो उन्होंने बारी-बारी से खुद ही वाहनों को स्टार्ट करने का प्रयास किया। इस दौरान एक मिनी बस को स्टार्ट करने में वे सफल रहे।
गाड़ी स्टार्ट होने के बाद उन्होंने चौकीदार से गेट की चाबी मांगी और उसे रस्सी से बांध दिया। इसके बाद वे वाहन लेकर फरार हो गए।
चौकीदार ने पूछताछ में बताया कि तीनों ने मुंह ढंक रखा था। पैरों में चप्पल थे। तीनों अपने को पाकिस्तानी बताते हुए लखनपुर जाने की बात कर रहे थे।
बस को तोड़फोड़ गए तीनों नकाबपोश
उनके पास एक चाकू भी था, जिसका भय दिखा रहे थे। नकाबपोशों के जाने के बाद चौकीदार किसी प्रकार बाहर निकला और शोर मचाया।
सूचना पर पहुंची सेना और पुलिस ने क्षेत्र में सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान स्कूल से डेढ़ किलोमीटर दूर गांव गोंदला के पास स्कूल की बस मिली, जिसके शीशे टूटे थे।
एसपी हेडक्वार्टर रंधीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नकाबपोशों द्वारा स्कूल के चौकीदार को बंधक बनाकर बस (जेके 014-7838) ले जाने के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
स्कूलों को बनाया जा रहा निशाना
आतंकियों के नाम का सहारा लेकर शरारती तत्व ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला रहे हैं। करीब दो महीने पहले आरएस पुरा के एक स्कूल में किसी ने आतंकी हमले की अफवाह फैला कर सनसनी मचा दी। अभी तक पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। सोमवार को फिर से ऐसा ही एक मामला सामने आया।
यहां फिर स्कूल को ही निशाना बनाया गया। स्कूल के चौकीदार को पीटकर स्कूल की बस लेकर भाग गए। खुद को पाकिस्तान के रहने वाला बताया। सूत्रों के अनुसार चोरी, गुंडागर्दी, मारपीट करने वाले लोग आतंकियों के नाम का सहारा लेकर यह सब कर रहे हैं। जिन पर फिलहाल कोई अंकुश नहीं लग पा रहा।
कठुआ, सांबा और आरएस पुरा में आतंकी हमले होने के बाद यह लोग सक्रिय हो गए हैं। यह भी संभव है कि ऐसी घटनाओं का लाभ उठाकर हकीकत में कोई आतंकी हमला स्कूलों पर हो जाए। इसके पहले सांबा में हुए आतंकी हमले में भी आर्मी स्कूल को निशाना बनाने की कोशिश हुई थी।
उल्लेखनीय है कि सेना और सुरक्षा एजेंसियों के पास पिछले कई महीनों से सैन्य स्कूलों पर हमलेे की सूचनाएं पहुंच रही हैं। इसके बाद से स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।