अलगाववादियों की लोकसभा उपचुनाव के बहिष्कार की धमकी और लगातार हो रहे आतंकी हमलों के मद्देनजर चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने रणनीति बदलते हुए चुनाव के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है ताकि मतदाताओं को डराया धमकाया नहीं जा सके और वे बिना किसी डर भय के वोटिंग कर सकें।
सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि मतदान के लिए निकलने वाले मतदाताओं को डराया धमकाया जा सकता है। इसके लिए अलगाववादियों और आतंकी तंजीमों की ओर से गांव-गांव में लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैठक कर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने की रणनीति बनाई। पहला घेरा गांव में होगा जो लोगों को डराने धमकाने की घटनाओं पर नजर रखेगा।
दूसरा घेरा गांव से मतदान केंद्र के बीच होगा ताकि रास्ते में मतदाताओं को धमकी न दी जा सके। तीसरा घेरा मतदान केंद्रों पर होगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे काफी हद तक निर्भीक मतदान संपन्न कराने में सफलता मिलेगी। बैठक में यह भी तय किया गया है कि यदि कोई मतदान करने का इच्छुक है तो उसके लिए किसी प्रकार की बाधा सामने नहीं आने दी जाए, इस प्रकार की व्यवस्था करनी है।