पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में बारिश से बसंतर और देवक का जलस्तर बढ़ गया है जिससे किसानों और आम जनता को चिंता सताने लगी है कि अगर फिर से बांध टूट गया तो गांवों पर बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।
सीमावर्ती गांव लगवाल कमोर, पखडी, नंगा,बरोटा,चक पारस के पूर्व सरपंच प्रेमपाल चौधरी और रंगूर के पूर्व सरपंच काली दास ने बताया की सुबह के बाद बसंतर का जलस्तर बढ़ गया है जिससे फिर से बांध के टूटने की चिंता सताने लगी है। शाम को देवक और बसंतर का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था। बसंतर के कुछ जगहों से बांध टूट गया और पानी निकलने लगा जिसने तीन सौ एकड़ धान की फसल को बर्बाद कर दिया किसानों के पंप सेट और बिजली के पोल पानी में बह गए। सोमवार को दोपहर एमपी जुगल किशोर शर्मा विधायक देवेन्द्र कुमार मन्नयाल, एसएसपी सांबा और डीसी सांबा मौके पर पहुंचे और किसानों और आम जनता से बातचीत की लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। शाम तक पानी गांव रंगूर तक बढ़ रहा था ।