जम्मू कश्मीर में वित्त वर्ष की समाप्ति के साथ एसोसिएटेड अस्पतालों में राशि को लैप्स होने से बचाने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए आए दिन बैठकें कर खरीद के लिए कई चीजों को मंजूरी दी जा रही है। हालांकि विभागीय अध्यक्षों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि पूरे वित्त वर्ष में जरूरी चिकित्सा उपकरणों की खरीदारी नहीं की गई।
कई विभागों में जरूरी उपकरणों के अभाव में मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नेफरोलाजी विभाग में किडनी पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। रोजाना 20-30 मरीजों के डायलेसिस हो रहे हैं।
लेकिन मशीनों पर ओवरलोड होने से कई मशीनें ठप हो गई थीं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुछ समय पहले परचेज कमेटी में दस नई डायलेसिस मशीनों को मंजूरी भी दी गई थी। लेकिन वित्त वर्ष के अंत तक अभी तक मशीनों को खरीदा नहीं जा सका है।