श्रीनगर के हारवान में आयोजित मेगा जनजातीय मेला में मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन सूर्यकांत के आने से पहले कार्यक्रम में हंगामा मच गया। सुबह दस बजे से ही दूर-दराज से बुला कर भूखे-प्यासे बैठाने से नाराज जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपराह्न तीन बजे शोर-शराबा करते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
सभी मिन्नतें करते नजर आएं। हाथ जोड़ते रहे। करीब आधे घंटे तक चले मान मनौव्वल और तत्काल पीने के पानी की व्यवस्था करने के बाद लोग शांत हुए। जिम्मेदारों ने भी राहत की सांस ली। वृहद जनजातीय मेला राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण, जनजातीय मामलों के विभाग, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सहयोग से हारवान में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में कंगन, सोनमर्ग और गांदरबल से आए शकील अहमद गुर्जर खटान, मुमताज पठान, इरशाक पठान और निजामुद्दीन आदि ने बताया कि उन्हें सुबह दस बजे ही हारवान श्रीनगर बुला लिया गया था। पूरे दिन भूखेे-प्यासे बैठे रहे लेकिन किसी ने एक बूंद पानी तक नहीं पिलाया। चिलचिलाती धूप में कभी इधर, कभी उधर बैठने का फरमान सुनाते रहे। पानी मांगने पर कहा जाता रहा कि मुख्य अतिथि के चले जाने के बाद पानी संग लंच पैकेट भी मिलेगा। यही कहना जम्मू, कुपवाड़ा, शोपिया और बारामूला से आए लोगों का भी था।