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Jammu News: टोकन में देरी को लेकर हुआ विवाद, किसी की चप्पल छूट गई तो आधार कार्ड छोड़ भागा

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। सरस्वती धाम... बुधवार को सुबह के आठ बजकर दस मिनट हो रहे थे। तत्काल पंजीकरण के लिए टोकन के लिए कतार में काफी पीछे खड़े श्रद्धालुओं की बेचैनी बढ़ रही थी। जब वह काउंटर पर पहुंचे तो पता चला कि कोटा पूरा हो गया। देरी के बीच टोकन पाने की धक्का-मुक्की में विवाद हुआ तो व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बाहें चढ़ानी पड़ीं। लाठियां भी फटकारीं। भीड़ से बाहर निकलने की जल्दबाजी में किसी श्रद्धालु की चप्पल सड़क पर छूट गई तो कोई अपना आधार कार्ड छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
सरस्वती धाम में टोकन मिलने के बाद यात्रियों को दूसरे केंद्रों में भेजा जा रहा था। सुबह 6:00 बजे से तमाम शिवभक्त सड़क पर आधा किलोमीटर दूरी तक छह कतारों में बैठे थे। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ी और नौबत धक्कामुक्की तक पहुंच गई। नौ बजे तक पांच हजार से ज्यादा शिवभक्त कतारों में लगे थे। यहां पर बालटाल मार्ग के लिए पंजीकरण समेत टोकन भी बांटे जा रहे हैं।
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सरस्वती धाम में सुबह 8:30 बजे के बाद पहलगाम मार्ग के लिए बने टोकन बूथ को बंद कर दिया गया। यहीं से हंगामा बढ़ना शुरू हुआ और करीब 9:30 बजे तक शिव भक्त प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी पर उतारू हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने मुख्य सड़क व सरस्वती धाम परिसर से श्रद्धालुओं को भगाने का प्रयास किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिवभक्त सुबह 10:00 बजे तक टोकन मिलने के इंतजार में डटे रहे। इस पर पुलिस ने इन्हें भगाकर सड़क खाली करा ली। इस दौरान मची भगदड़ में शिवभक्ताें के चप्पल-जूते और आधार कार्ड सड़क पर ही छूट गए। मंगलवार की रात सवा दो बजे से लाइन में खड़े होने के बावजूद राजस्थान के गोविंद राम पटेल बुधवार सुबह तक अपने 47 साथियों के लिए टोकन का इंतजाम नहीं कर पाए।

यूपी के शिवभक्त बोले-योगी होते तो ऐसा न होता
सरस्वती धाम में हरिद्वार, मेरठ और गाजियाबाद से पहुंचे विकास, अंशुल और मान सिंह ने अमरनाथ यात्रा की तुलना महाकुंभ से की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने महाकुंभ के लिए महीनों पहले से तैयारियां की थीं, इसीलिए वहां अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। बद्रीनाथ धाम की यात्रा के दौरान भी इस तरह के हालात नहीं बनते हैं। यहां न तो कोई पानी पूछ रहा है और न ही पर्याप्त शौचालय हैं। भीड़ में महिलाओं को चक्कर आ रहे हैं। इस बीच, युवकों ने जम्मू-कश्मीर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।





न पानी और न शौचालय का पर्याप्त प्रतिबंध

कोलकाता से अमरनाथ यात्रा में पहुंची शोभा ने बताया कि दो दिन पहले जम्मू पहुंच जाने के बावजूद वह टोकन नहीं ले पाये हैं। उनकी बेटी की तबीयत लगातार खराब हो रही है। महिलाओं को पांच-छह घंटे तक भीड़ में बैठाया गया। न तो पेयजल का इंतजाम है और न ही शौचालय का।
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तीन हजार टोकन बांटने के बाद बंद किया बूथ : एडीएम

सरस्वती धाम पहुंची एडीएम जम्मू अनसूया जम्वाल ने बताया कि तीन हजार टोकन बांटने के बाद पहलगाम के टोकन केंद्र को बंद किया गया है। पहलगाम और बालटाल के लिए टोकन तारीख के हिसाब से बांटे जा रहे हैं। यात्री उन्हें पंजीकरण और मेडिकल के लिए जो तारीख तय की गई है उसी दिन आएं तो भीड़ नहीं होगी लेकिन सभी लोग एक ही दिन में टोकन चाह रहे हैं। इस वजह से भीड़ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पेयजल, मेडिकल और यात्रियों के रात को ठहरने के प्रबंध किए हैं।
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