जीटीयू से जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में बदलने के 44 वर्षों बाद भी जेएकेआरटीसी में ऑनलाइन और एडवांस टिकट बुकिंग की सुविधा तक नहीं है। सुविधा का अभाव होने से लोगों को मजबूरन टिकट काउंटर से टिकट लेना पड़ता है।
वहीं अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष टिकट काउंटर बनाने पड़ते हैं, जहां उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहकर टिकट लेना पड़ता है। डिजिटल जेएंडके की बात करने वाली प्रदेश सरकार परिवहन निगम बनने के 44 वर्षों बाद भी सरकारी बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू नहीं कर पाई है। इसका असर सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ता है।
सरकारी बसों में असुविधा के अभाव के कारण ही पर्यटक निजी वाहनों को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश जेकेआरटीसी को छोड़ दें तो निजी बसों में ऑनलाइन और एडवांस टिकट बुकिंग की सुविधा है। जेकेआरटीसी के बेडे़ में पांच सौ से ज्यादा बसें हैं, जो दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए चलती हैं।
यह भी पढ़ें- Petrol Diesel Price: जम्मू-कश्मीर में आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, घाटी में 92 रुपए प्रति लीटर तक पहुंची कीमत
अमरनाथ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी होती है, ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था नहीं होने से टिकट बुकिंग के लिए विशेष काउंटर लगाने पड़ते हैं, जहां पर श्रद्धालुओं को घंटों लाइनों में खड़े रहकर टिकट लेना पड़ता है।