सांबा। संघर्ष विराम के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने घुसपैठ और हथियार तस्करी की कोशिशों को फिर तेज कर दिया है। सांबा सेक्टर के बैनगलाड में सीमा पार से सुरंग खोदे जाने की आशंका भी प्रबल हो गई है। ऐसे में बीएसएफ का अमला अत्यधिक चौकन्ना हो गया है। दरअसल तारबंदी को भेदकर घुसपैठ नहीं हो पाने के चलते पाकिस्तानी रेंजर सुरंगें खोदकर घुसपैठ की साजिशें रच रहे हैं। गरमी के सीजन में जलस्तर नीचे चला जाता है, जिससे टीले वाले इलाके में पाकिस्तान सुरंग खोदने की कोशिश करता है। वर्तमान में जिस तरह के हालात हैं, उसमें आशंका है कि सीमा पर या तो ध्यान भटकाने के लिए ड्रोन भेजे जा रहे हैं या फिर सुरंगें खोदने का काम जोर शोर से जारी है, जिसे लेकर भारतीय क्षेत्र में बीएसएफ की तैयारी को परखा जा रहा है। रक्षा सूत्रों के अनुसार तीन माह के दौरान तीसरा मौका है जब पाकिस्तानी घुसपैठिया गिरफ्तार किया गया है। 21 मार्च को चक दुल्मा क्षेत्र से एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को तारबंदी के पास काबू किया गया था। 4 मई को रिगाल क्षेत्र में एक घुसपैठिये को मार गिराया गया। 14 मई को ही रिगाल क्षेत्र में तारबंदी के निकट पाकिस्तान की ओर से ड्रोन से हथियार गिराए गए। अब 18 मई को रात साढ़े नौ बजे पाकिस्तानी घुसपैठिया दबोचा गया। जिसके बाद ड्रोन भी भेजा गया।
सांबा में पकड़े गए घुसपैठिए की हालत स्थित
जम्मू। सांबा के बैनगलाड़ बार्डर पर पकड़े गए घुसपैठिए का उपचार राजकीय मेडिकल कालेज में जारी है। उसे सुरक्षाबलों ने सीमा पर घायल अवस्था में पकड़ा था। चिकित्सकों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। वह बार-बार बेहोश भी हो रहा है। इस कारण उससे पूछताछ नहीं हो पा रही कि आखिर वह किस मकसद से सीमा में घुसा था। उसने अपना नाम असीम निवासी लाहौर बताया था। पाकिस्तान की ओर से बीते एक महीने में दो बार बार्डर पर घुसपैठ की कोशिश की गई है।
घुसपैठ बंद होने के बाद ड्रोन से हथियार भेजने का प्रयास तेज
आठ बार पाकिस्तान का ड्रोन बार्डर पर नजर आ चुके हैं। तीन बार बीएसएफ ने पाकिस्तान के ड्रोन पर फायरिंग की है। तीन ही बार ड्रोन से फेंके गए हथियारों को बरामद किया है। इससे साफ हे कि पाकिस्तान बार्डर पर घुसपैठ हर हाल में कराना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि इस समय वाहनों की मूवमेंट काफी कम है। सिर्फ जरूरी सामान लेकर आने जाने वाले वाहनों की आवाजाही हो रही है। इसमें मुख्य रूप से ट्रक ही शामिल है। इन ट्रकों की अधिक आवाजाही सांबा से वाया मानसर और उधमपुर से होकर श्रीनगर हो रही है। ऐसे में आतंकी संगठन इस फिराक में हैं कि सांबा बार्डर से आतंकियों की घुसपैठ कराई जाए। ड्रोन से हथियार फेंक कर आतंकियों के पास पहुंचाए जाएं और इनको फिर कश्मीर पहुंचाया जाए।
बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी हालत में इस तरह के प्रयास बंद नहीं हुए हैं। बीएसएफ पूरी तरह से सतर्क है।