मंदिरों के शहर में अपराध बढ़ते जा रहे हैं। अभी तक की घटनाओं में चोरी के मामले ज्यादा थे, लेकिन पिछले कुछ समय से धोखाधड़ी के मामले भी बढ़े हैं। कहीं ढोंगी साधु महिलाओं को झांसा लेकर उनके गहने लेकर फुर्र हो रहे हैं तो कहीं फर्जी दस्तावेज पर लोन लेने और नौकरी दिलाने का फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।
पुलिस भी केस दर्ज करने तक ही सीमित होती दिख रही है। करीब डेढ़ साल पहले गांधीनगर, ग्रीन बेल्ट पार्क इलाके में एक कंपनी की ओर से नेटवर्क कम्यूनिकेशन के नाम से लोगों से लाखों रुपये लिए थे, उसके बाद नेटवर्क पूरी रियासत में फैलाने की जानकारी देकर काम शुरू कर दिया।
एकाएक लोगों ने जब पैसे लगाए और रकम करोड़ों में पहुंच गई तो कंपनी ने गांधीनगर ग्रीन बेल्ट पार्क से सारा सिस्टम उठा लिया। पीड़ितों ने मामला दर्ज करवा दिया। आरएस पुरा के रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ फर्जी दस्तावेज से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे गए थे।
पीड़ित की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में पीड़ित ने अपने बेटे को नौकरी दिलाने के लिए आरोपी पर विश्वास कर लिया था। ताजा मामले में बख्शीनगर थाना के अंतर्गत एक साधु की ओर से महिलाओं से सोने के गहने ठगने का मामला चर्चा में है। सोमवार को अज्ञात साधु के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
महिलाओं के दुख दूर करने का आश्वासन देकर साधु सोने के गहने लेकर फरार हो गया था। काना थाना के अंतर्गत कुछ लोगों की ओर से एक व्यक्ति को पहले से बिकी हुई जमीन दोबारा बेचने का मामला सामने आया है। गांधीनगर थाने में रेशम घर के एक व्यक्ति के खिलाफ बेटी को शिक्षा दिलाने के नाम पर 18 लाख रुपये लोन लेने का मामला दर्ज हुआ है। मालूम हुआ कि लोन लेने के लिए दस्तावेज ही सारे नकली हैं।