शहर में रहने वाले किरायेदारों और बाहरी राज्यों से आए लोगों की जांच शुरू कर दी गई है। जिला उपायुक्त ने इसे लेकर आदेश जारी किया था। इस पर अमल करते हुए शहर के सभी थानों के अंतर्गत लोगों के घरों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने साफ किया है कि यदि किसी ने अपने किरायेदार की जानकारी नहीं दी तो मकान मालिक पर एफआईआर दर्ज होगी। जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर से जांच फार्म जारी किया गया। उक्त फार्म पर दो फोटो लगेंगी।
इसमें एक मकान मालिक और दूसरी किरायेदार की होगी। इसके अलावा मकान मालिक का नाम, उसके पिता का नाम, कारोबार, कार्यालय का पता, किरायेदार का नाम, उसकी आयु, उसके संबंधित थाने का पता, कारोबार का पता मोबाइल नंबर सहित आदि की जानकारी इस फार्म में देनी होगी।
अंत में किरायेदार और मकान मालिक दोनों के हस्ताक्षर होंगे। पुलिस स्टेशनों से कुछेक कर्मियों को इस काम में लगाया गया है। अपने अपने क्षेत्र में जांच शुरू कर दी गई है।
एसपी सिटी साउथ शहजाद सलारिया का कहना है कि किरायेदारों का पूरा डाटा लिया जा रहा है। इसके बाद उनकी जानकारी इलाकों की पुलिस के पास पहुंचाई जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि पता सही है या नहीं।
बताते चलें कि जिला उपायुक्त ने इसे लेकर आदेश जारी कर 60 दिनों के भीतर सभी लोगों की जांच करने के लिए कहा था। इस पर अब जाकर अमल किया जा रहा है। शहर में बाहर से आकर रहने वालों लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका प्रशासन और पुलिस के पास कोई डाटा नहीं है।