राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए बीसीसीआई से नहीं मिली मान्यता
42 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च कर स्टेडियम का हुआ था जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर का एमए स्टेडियम बहुउद्देश्यीय होना रणजी और आईपीएल जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी में रोड़ा बन गया है। बीसीसीआई बहुउद्देश्य स्टेडियम को मान्यता नहीं देती है। इसके चलते ही जम्मू-कश्मीर के लोगों का एमए स्टेडियम में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी की उम्मीद पूरी नहीं होगी।
42 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च कर एमए स्टेडियम का जीर्णोद्धार किया गया था। एमए स्टेडियम एक बड़ी संरचना है। इसके बावजूद यहां राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले नहीं होते। यहां रणजी ट्रॉफी, आईपीएल जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी नहीं हो सकती। दरअसल, इस स्टेडियम में 15 अगस्त और 26 जनवरी पर आयोजन के अलावा जनसभाएं भी आयोजित होती रही हैं।
एमए स्टेडियम जम्मू संभाग का सबसे बड़ा खेल मैदान है। 2019 में इसका जीर्णोद्धार हुआ था। 2020 में तत्कालीन उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने स्टेडियम का उद्घाटन किया था। स्टेडियम में डबल लेयर की 17 हजार कुर्सियां लगी हैं। उस समय यहां आईपीएल की मेजबानी का दावा किया था। हालांकि, छह साल में यहां सिर्फ लीजेंड्स लीग क्रिकेट ही हो पाई है।
एमए स्टेडियम में बड़े क्रिकेट मुकाबले हों, इस उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर खेल परिषद और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के बीच समझौता हुआ था लेकिन यह आगे नहीं बढ़ पाया।
जेकेसीए उप समिति के सदस्य सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने कहा कि एमए स्टेडियम बीसीसीआई से स्वीकृत नहीं है। यह एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम है और बीसीसीआई ऐसे मैदानों पर अपने मुकाबले नहीं करवाता। बता दें कि 2025-26 घरेलू क्रिकेट सत्र सितंबर से शुरू हो रहा है। जम्मू-कश्मीर को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम और जम्मू के हाॅस्टल मैदान में मुकाबलों की मेजबानी मिली है।