बिक्रम चौक स्थित कला केंद्र में वर्ष 2013 से जारी मरम्मत कार्य के कारण इसकी बुकिंग नहीं हो रही है। इसकी वजह से कला केंद्र बेरौनक बनकर रह गया है। महीनों से इसमें सफेदी का काम जारी है। फ्लाई ओवर निर्माण के कारण परिसर का प्रवेश द्वार तोड़े जाने से भी आकर्षण में कमी आई है।
बिजली के स्विच जहां खस्ताहाल में हैं, वहीं खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। कला केंद्र के उद्यान में उगे घास के बीच रखीं कलात्मक प्रतिमाएं मौन आमंत्रण देने के साथ एक बार यहां रौनक लौटने का इंतजार कर रही हैं। वहीं, चौदह वर्षों के अंदर ही इस कला केंद्र की मरम्मत करवाए जाने की जरूरतों पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
गौरतलब है कि करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से कला केंद्र की इमारत तैयार करवाई गई थी। उद्घाटन के बाद यहां पर पुस्तक मेला और प्रदर्शनी का आयोजन होता था, जिससे रौनक बनी रहती थी।