सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर से लौट जाने के बाद भी घाटी के कुछ इलाकों में कर्फ्यू और पाबंदियां जारी हैं।
कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में हुई हिंसक झड़पों में 50 से ज्यादा लोग और सुरक्षा बल घायल हुए हैं।
कुलगाम जिले के जंगलपोरा इलाके में सुरक्षा बलों की ओर से राष्ट्र विरोधी रैली को नाकाम बनाया गया। इस दौरान हुई हिंसक झड़प में 17 से ज्यादा लोग और सुरक्षा बल के जवान घायल हो गए।
कुछ सरकारी कार्यालयों में बढ़ी कर्मचारियों की संख्या
श्रीनगर में पथराव करते उपद्रवी
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प्रदर्शनकारियों की ओर से जवानों पर पथराव किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान एक पुलिसकर्मी के मकान को भी आग लगा दी।
श्रीनगर के बाग-ए- मेहताब (माछू इलाके में) में भी जवानों ने राष्ट्र विरोधी रैली को नाकाम बनाया। यहां भी हिंसक झड़पों में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए।
बीते 59 दिन से कश्मीर घाटी में बने हालात में हालांकि, सोमवार को कुछ सुधार भी दिखा। सरकारी कार्यालयों और बैंकों में स्टाफ की हाजिरी की संख्या बढ़ी है। सड़कों पर कुछेक इलाकों में निजी वाहन देखे गए। हालांकि, सार्वजनिक वाहन अभी भी नदारद हैं।
श्रीनगर के 7 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू
सड़क पर पड़े पत्थर
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अलगाववादियों की ओर से बंद की काल 8 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हालात में सुधार हुआ है। इसके बावजूद श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू इसलिए जारी रखा गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और हालात काबू में रहें।
उन्होंने कहा कि अन्य इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां भी फिलहाल इसी कारण जारी रखी गईं हैं। पुलिस अफसर ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में तनाव पूर्ण शांति रही, पर कुछ एक इलाकों में लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन करने की कोशिश की। उन्हें सफल नहीं होने दिया गया।
उल्लेखनीय है कि बीती 8 जुलाई को हिजबुल आतंकी बुरहान वाणी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दुकानें, व्यापारिक संगठन और पेट्रोल पंप बंद हैं। सरकार की ओर से मोबाइल इंटरनेट पर लगाई गई रोक भी जारी है।