जम्मू-कश्मीर को राष्ट्र का आध्यात्मिक केंद्र बनाने का सपना अब दूर नहीं
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पांच वर्षों के निरंतर प्रयासों के बाद जम्मू-कश्मीर को राष्ट्र का आध्यात्मिक केंद्र बनाने का सपना अब दूर नहीं है। ये प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सदियों बाद जम्मू-कश्मीर एक वास्तविक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अनुभव कर रहा है। यह प्रदेश ज्ञान, कला, संगीत और दर्शन के केंद्र के रूप में पुनः उभर रहा है।
स्थानीय लोगों की सहमति से होंगे विकास कार्य
उपराज्यपाल ने कहा कि क्षेत्र में स्थानीय लोगों के रोजगार को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। यहां भोलेनाथ की भक्ति से जुड़े साउंड एंड लाइट शो की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर रोपवे परियोजना पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, यह कार्य स्थानीय लोगों की सहमति से ही आगे बढ़ाया जाएगा।
यात्रा मार्ग और नई गुफा का होगा निर्माण, जिंदल ग्रुप करेगा सहयोग
शिवखोड़ी में जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन (जिंदल ग्रुप) के सहयोग से नए तीर्थयात्रा मार्ग के विकास के साथ तीसरी गुफा के निर्माण की योजना है। इस पर काम चल रहा है। जिंदल समूह श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं और संरचनाओं में करोड़ों रुपये का निवेश करने का इरादा रखता है। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना तीर्थस्थल की आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखते हुए बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए बनाई गई है।