सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंक के शासन और कार्यप्रणाली संबंधित चिंताओं के साथ-साथ कामकाज में सुधार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। दीर्घकालिक उपाय के तहत यह निर्णय लिया है ताकि यह अच्छी तरह से सरकार के स्वामित्व वाले बैंक का उदाहरण बन सके।
इन सबको ध्यान में रखते हुए सरकार ने जेके बैंक के बोर्ड में अपने नामित निदेशक परवेज अहमद जो अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी हैं, को बदलने का फैसला किया है। सरकार ने जेके बैंक के कार्यकारी अध्यक्ष आरके छिब्बर को बोर्ड में सरकार का नुमाइंदा नियुक्त किया है। बोर्ड ने बाद में बैंक के अंतरिम अध्यक्ष और एमडी के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी।
रिजर्व बैंक ने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पद को अलग करने को कहा था
जेके बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार निर्देशित किया गया था कि बेहतर प्रशासन के लिए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पदों को अलग किया जाए। सरकार बैंक के बोर्ड के माध्यम से बाइलाज में आवश्यक बदलाव करने के लिए एक अलग अध्यक्ष और एक प्रबंध निदेशक की पोस्टिंग के संबंध में आवश्यक कदम उठाएगी ताकि बोर्ड के कामकाज में पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ प्रबंध निदेशक उच्च स्तर की वित्तीय संभावना, वित्तीय नियंत्रण, बेहतर जोखिम प्रबंधन और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
निदेशक मंडल ने शनिवार को अपनी बैठक में इस संबंध में आवश्यक सिफ ारिश की है। सरकार जम्मू-कश्मीर बैंक को देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैंक के रूप में बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही राज्य में आर्थिक विकास में तेजी लाने को भी प्रतिबद्ध है।