पशु व्यापारी की हत्या मामले में पूछताछ के लिए थाने में बुलाए गए युवक की हिरासत में मौत पर बुधवार को बवाल मच गया। गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और आवागमन बंद कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने चौकी प्रभारी ज्यौड़ियां, थाना प्रभारी खौड़ और एसडीपीओ अखनूर को बर्खास्त करने की मांग की।
जानकारी के अनुसार हरबंस लाल निवासी करैली कोटभलवाल (मिश्रीवाला) की मंगलवार रात थाने में मौत हो गई। उसे 25 अगस्त की शाम को पुलिस ने पशु व्यापारी जोगिंद्र लाल निवासी कैंप (खौड़) की हत्या मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था।
बताया जाता है कि 24 जुलाई की सुबह पशु व्यापारी जोगिंद्र लाल और हरबंस लाल खौड़ बाजार में साथ देखे गए थे। इसके बाद से जोगिंद्र लाल लापता हो गया था।
मौत की खबर सुनते ही भड़का गुस्सा
26 जुलाई को उसका शव सैंथ गांव के पास से मिला था। इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने कई लोगों को थाने में बुलाया था। मंगलवार रात भी हरबंस लाल सहित अन्य पांच लोग थाने में थे।
सूत्रों के मुताबिक हरबंस लाल की मौत रात करीब डेढ़ बजे के करीब हुई। आनन-फानन में शव को जम्मू पहुंचाया गया। बताया जाता है कि खौड़ पुलिस थाने में पिछले 1-2 दिनों से चौकी प्रभारी ज्यौड़ियां और एसडीपीओ अखनूर हत्या का मामला सुलझाने के लिए लोगों से पूछताछ के लिए आ रहे थे।
युवक की पुलिस हिरासत में मौत की खबर पर सुबह आठ बजे से ही खौड़, ज्यौड़ियां और चक्क मलाल में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी होने लगी थी।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को पीछे धकेला
गांव चक्क मलाल में हरबंस लाल का ननिहाल है। उसकी मौत से गुस्साए लोग देखते-देखते सड़क पर उतर आए। लोगों को शांत कराने के लिए एसपी शेख जुल्फिकार भी पहुंचे।
उन्होंने थाना प्रभारी खौड़ और चौकी प्रभारी ज्यौड़ियां के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। इस दौरान भीड़ द्वारा पुलिस चेक पोस्ट खौड़ पर तोड़फोड़ भी की गई।
कुछ समय के लिए पुलिस को चेक पोस्ट छोड़ कर पीछे हटना पड़ा। वहीं खौड़ में सुबह पांच बजे से ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक मंगलवार की शाम हरबंस लाल के खिलाफ पशु व्यापारी की हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
मजिस्ट्रेट लेवल पर जांच की मांग
खौड़ के नायब तहसीलदार रोहित शर्मा को युवकों ने बुधवार को एक ज्ञापन सौंपा और मामले की मजिस्ट्रेट लेबल पर जांच की मांग की गई। साथ ही जौड़ियां चौकी प्रभारी, एसडीपीओ अखनूर, थाना प्रभारी खौड़ का सस्पेंशन आर्डर और मृतक की लड़की को नौकरी के अलावा पांच लाख की सहायता राशि देने की मांग की।
वहीं पशु व्यापारी जोगिंद्र लाल हत्या मामले में ज्यौड़ियां कसबे के दो लोगों को जो पिता-पुत्र हैं, उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। उनकी रिहाई के लिए भी ज्यौड़ियां में प्रदर्शन किया गया। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
पुलिस का कहना है कि हरबंस लाल के अनुसार जिस रात जोगिंद्र लाल की हत्या हुई वह उस रात ज्यौड़ियां स्थित अपने जीजा सतसंग के घर में था। वहीं सतसंग ने पुलिस को बताया कि हरबंस लाल उस रात उनके घर में नहीं था।