राज्य कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मुलाजिमों को राहत देते हुए केंद्रीय डीए से पेंशन निर्धारित करने का फैसला किया है।
जिस दिन कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा उस तिथि को केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले डीए से उसकी पेंशन निर्धारित की जाएगी। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि यह फैसला सभी प्रकार की पेंशन स्कीमों पर लागू होगा।
इस निर्णय के पीछे हाल के वर्षों में केंद्र द्वारा घोषित किए गए महंगाई भत्ते पर राज्य में अमल में देरी को मुख्य वजह बताया जा रहा है। ज्यादातर मामलों में मुलाजिमों को समय से डीए की किस्त जारी नहीं होती।
रिटायर होने पर पेंशन की विसंगति का शिकार भी होना पड़ता है। डीए की किस्त के बकाया होने के बाद भी उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।