आपशंभु मंदिर तोड़फोड़ के आरोपी यासिर अल्फाज की मेडिकल जांच अगले कुछ दिन और टल सकती है। बोर्ड के एक सदस्य साइकोलाजिस्ट विशेषज्ञ डाक्टर व्यक्तिगत काम से छुट्टी पर चले गए हैं।
हालांकि सरकारी आदेश पर उन्हें बुलाया जा सकता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया को विधानसभा के खत्म होने तक टाला जा सकता है। यासिर मामले को लेकर विधानसभा में सत्ता और विपक्ष में कई बार हंगामा हो चुका है।
दबाव पड़ने पर बोर्ड में वरिष्ठ मनोचिकित्सक को भी शामिल किया जा सकता है। अभी तक बोर्ड में कोई भी वरिष्ठ मनोचिकित्सक शामिल नहीं है। मेडिकल बोर्ड में दो मनोचिकित्सक, एक साइकोलाजिस्ट, न्यूरोलाजी और मेडिसन विभाग के एक -एक विशेषज्ञ डाक्टर शामिल हैं। सभी पांच सदस्यों की मौजूदगी में ही यासिर की मेडिकल जांच हो सकती है।
आदेश के मुताबिक यह जांच साइक्रेटरी अस्पताल के अधीक्षक कार्यालय में करवाई जानी है। चूंकि यासिर पर मानसिक स्तर पर बीमार होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में मेडिकल जांच में मनोचिकित्सकों और साइकोलाजिस्ट की भूमिका अहम रहती है।
गत दिवस यासिर से पीएसए हटाने के मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। सरकार से कई बार सवाल किए गए हैं। गत दिवस ही मेडिकल बोर्ड के एक सदस्य के मौजूद न रहने से यासिर की मेडिकल जांच नहीं हो सकी थी।