परंपरा औपचारिकता नहीं, नई ऊर्जा देने वाली कड़ी : सीएम
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दरबार मूव की बहाली से जम्मू में उत्साह और खुशहाली लौटी है। यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि दोनों हिस्सों को जोड़ने वाली कड़ी है। जनता से वादा किया था कि जम्मू के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
अब योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा। सीमित संसाधनों के बीच भी सरकार असरदार और बचतपूर्ण तरीके से काम करेगी। जम्मू के व्यापार, रोजगार और विकास को नई गति देने के लिए हर कदम उठाया जाएगा। वहीं, चैंबर के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि यह जम्मू के लिए बेहद खुशी का दिन है। दरबार मूव रुकने से कारोबार पर गहरा असर पड़ा था।
वीआईपी मूवमेंट से सुबह-सुबह जाम रहीं सड़कें
सरकार के जम्मू आने के बाद सोमवार सुबह शहर के कुछ हिस्सों में जाम की स्थिति रही। वीआईपी मूवमेंट से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को रोका गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें सड़क पर लगी रहीं। इस दौरान सुबह-सुबह कार्यालय या आवश्यक कार्याें की वजह से घरों से निकले लोगों को मुश्किल झेलनी पड़ी है। भगवती नगर चौथे पुल से एशिया चौक तक, केनाल रोड से ज्यूल चौक तक और नरवाल से लेकर सैनिक कॉलोनी तक ट्रैफिक जाम रहा।
कश्मीर को संभालने के लिए एक मंत्री पांच दिन का नियम तय
दरबार मूव बहाल होने के साथ ही प्रदेश सरकार ने मंत्रियों की ड्यूटी कश्मीर संभाग के लिए तय कर दी है। पांच दिसंबर तक का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत सभी पांच मंत्री पांच-पांच दिन के लिए श्रीनगर में मौजूद रहेंगे। इसकी शुरुआत सोमवार से ही हो गई है। पहले चरण में कृषि ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री जाविद अहमद डार श्रीनगर में बैठेंगे।
वे आगामी सात नवंबर तक श्रीनगर में रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस बारे में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एक राजू ने बताया कि स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री शकीना इत्तू 10 से 14 नवंबर तक श्रीनगर में मौजूद रहेंगी।
खाद्य आपूर्ति, परिवहन और सूचना तकनीकी मंत्री सतीश शर्मा 17 से 21 नवंबर तक, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी 24 से 28 नवंबर और जलशक्ति, वन मंत्री जावेद अहमद राणा पहली से पांच दिसंबर तक श्रीनगर में रहेंगे। प्रदेश सरकार ने यह इंतजाम श्रीनगर में काम के सिलसिले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए किया है। यह आदेश प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए हैं।