जिले के विभिन्न क्षेत्राें में बिजली-पानी की समस्या पर आए दिन लोग धरना-प्रदर्शन करते नजर आते हैं। प्रशासन भी इनकी तब सुध लेता है, जब कानून व्यवस्था बिगड़ने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति आती है। इससे पहले प्रशासन क्याें हरकत में नहीं आता। सीमावर्ती क्षेत्राें में गत कई दिनों से बिजली की समस्या बनी हुई है।
कई बार कई दिनों तक पूरी रात बिजली गुल रहती है। विभागीय अधिकारियाें को अवगत करवाने के बाद भी कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता। गुस्साए लोग आखिर में सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होते हैं। सरपंच दर्शन चौधरी, शशिपाल शर्मा और चक्क सद्दा के सरपंच विनय शर्मा के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्राें में पूरी रात बिजली ठप रहती है।
विभाग के अधिकारियाें को अवगत भी करवाया जाता है, लेकिन समाधान नहीं करने से दिक्कतें बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि गत दिनों राजपुरा में दो ट्रांसफार्मर जल गए थे। अधिकारियाें को अवगत करवाया गया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। जब धरना-प्रदर्शन किया, तो प्रशासन पहुंचा और आश्वासन दिलाया कि शाम तक ट्रांसफार्मर पहुंच जाएगा।
मावा में भी धरना-प्रदर्शन एवं मार्ग जाम करने के बाद भी प्रशासन जागा। स्थानीय निवासियों के अनुसार मदून में गत एक महीने से ट्रांसफार्मर जला है। लेकिन विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। कई अन्य समस्याएं भी हैं, जिनकी विभागों की तरफ से अनदेखी जारी है।