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एजेंसियों को मिले इनपुट, घाटी में घुसपैठ की फिराक में आतंकी

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सुरक्षा एजेंसियों को घाटी में हाल में हुए पाकिस्तानी आतंकवादियों के भारी घुसपैठ की गंभीर आशंका है। जम्मू-कश्मीर में जेकेएलएफ के जेल भरो अभियान, बार-बार पाकिस्तानी झंडे का प्रदर्शन और आतंकवादियों के मोबाइल नेटवर्क टॉवर को क्षति पहुंचाने जैसी घटनाओं से भी कई नए संकेत मिल रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर के हालात की ओर इशारा करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि घाटी में शांति से पड़ोसी देश में हलचल है। साथ ही उन्होंने से घाटी के युवाओं को किसी बहकावे में नहीं आने की सलाह भी दी है।

राजनाथ ने कहा कि घाटी के युवाओं का भविष्य भारत के साथ ही जुड़ा है। घाटी से जुड़े खुफिया एजेंसियों को इस बात के साफ संकेत मिल रहे हैं कि घुसपैठ कर आए पाकिस्तानियों में सिर्फ फिदायीन आतंकी ही नहीं बल्कि योजनाबद्घ तरीके से काम करने वाले उनके नेता भी हैं।
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युवाओं को बहकावे में नहीं आने की दी सलाह

एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि हालांकि अलगाववादियों को नए-नए पैतरे और पाकिस्तानी झंडे का प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। लेकिन इन घटनाओं के साथ मोबाइल टॉवर को क्षति पहुंचाने की घटना गंभीर है।

सूत्रों के मुताबिक आतंकी नेता सीधे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करते हैं। एजेंसियों का मानना है कि घाटी में अलगाववादियों की खिसक रही जमीन और कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की केंद्र की योजना से पाकिस्तान परेशान है।

यही वजह है कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने कश्मीर पर नई रणनीति के तहत राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ाकर घाटी में अशांति बरकरार रखने की जिम्मेदारी भारत विरोधी तत्वों की सौंपी है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार की अलगाववादियों से कोई बातचीत की पहल नहीं होने को जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने अपने नए पैंतरे का बहाना बनाया है। उधर शब्बीर शाह ने भी पाक झंडे के प्रदर्शन को आम लोगों की मनोदशा का नतीजा बताकर घाटी के माहौल को गर्म करने की कोशिश में है।
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