कैंप पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रवासी मजदूरों के कैंप पर भी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है। वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है।
शोपियां में बिहार के मजदूर की हत्या पर निकला था विरोध मार्च
ज्ञात हो कि शुक्रवार को आतंकियों ने बिहार के मजदूर की शोपियां में गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी उसका शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। इस घटना के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को विरोध मार्च निकालकर शांति की अपील की थी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना की निंदा की थी।
उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख
गगनगीर में गैरस्थानीय मजदूरों पर कायरतापूर्ण हमले की बेहद दुखद खबर है। मैं निर्दोष लोगों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा: उपराज्यपाल
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं गगनगीर में नागरिकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस घृणित कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों को पूरी आजादी दी है।'
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारे बहादुर जवान जमीन पर हैं और वे सुनिश्चित करेंगे कि आतंकवादियों को उनकी हरकतों की भारी कीमत चुकानी पड़े। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। दुख की इस घड़ी में पूरा देश परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है।'
गृह मंत्री अमित शाह ने की निंदा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जम्मू-कश्मीर के गगनगीर में नागरिकों पर हुआ नृशंस आतंकी हमला कायरतापूर्ण घृणित कृत्य है। इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों की ओर से कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस अत्यंत दुख की घड़ी में, मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
उमर सरकार के पांच दिन के कार्यकाल में दूसरी बार प्रवासियों पर आतंकी हमला
कश्मीर में प्रवासी मजदूर फिर आतंकियों के निशाने पर हैं। उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ लेने के पांच दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों पर ये दूसरा आतंकी हमला है। इस बार तो उमर के विधानसभा हल्के गांदरबल में हुआ है। इन हमलों ने एक बार फिर कश्मीर के अलग अलग जिलों में काम करने वाले 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये नई सरकार के लिए भी चुनौती है। मौजूदा वर्ष में कश्मीर में गैर कश्मीरियों पर ये पांचवां आतंकी हमला भी है।
जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने वर्ष 2021 में भी इसी तरह प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले किए थे। 16 और 17 अक्तूबर 2021 को बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब कश्मीर से बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया था। अब फिर से कश्मीर में ठीक वैसा ही माहौल पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
कश्मीर में बड़े स्तर पर बाहरी मजदूर
बता दें कि कश्मीर के अलग अलग जिलों में चलने वाली तमाम बड़ी परियोजनाओं में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब के मजदूर कश्मीर में सेब के बागों और इसकी पैकिंंग में काम करते हैं। निर्माण कंपनियों के विभिन्न प्रोजेक्ट में ये काम करते हैं। यहां तक कि कश्मीर में स्थानीय स्तर पर फल सब्जी बेचने वालों में भी इनकी बड़ी संख्या है। रेलवे की योजनाओं में भी इन मजदूरों से काम लिया जाता है।
इस वर्ष कश्मीर में प्रवासियों पर हमले
8 अप्रैल दिल्ली के कैब चालक परमजीत सिंह पर शोपियां आतंकी हमला
17 अप्रैल को अनंतनाग में बिहार के रहने वाले राजू शाह की हत्या कर दी गई
फरवरी में पंजाब के रहने वाले दो लोगों की श्रीनगर में गोली मारकर हत्या
कुछ लोग नहीं चाहते शांति: रैना
जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि अपराधियों को जल्द ही दंडित किया जाएगा। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस इलाके की तलाशी ले रही है। कायर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने बिहार के एक मजदूर अशोक चौहान की हत्या कर दी। कुछ लोग नहीं चाहते कि क्षेत्र में शांति स्थापित हो। संकट की इस घड़ी में पूरा देश अशोक चौहान के पूरे परिवार के साथ खड़ा है।