पुलवामा के संबूरा गांव के रहने वाले पुलिस सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की गतिविधियों पर आतंकी कई दिनों से नजर रखे हुए थे। उनकी रेकी करने के बाद शुक्रवार की रात को आतंकी उन्हें अपने साथ खेत ले गए गए और गोली मारकर हत्या कर दी। इस वर्ष अब तक 18 लक्षित हत्याएं आतंकी कर चुके हैं। सब इंस्पेक्टर को अवंतिपोरा में श्रद्धांजलि दी गई। जिस समय पिता को श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो उनका 6 साल का बेटा मुस्कुराता दिख रहा था। शायद उसे नहीं पता था कि उसके पिता वापस नहीं आएंगे।
कश्मीर में टारगेट किलिंग का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। इस महीने की शुरुआत में दो जून को ईडी बैंक मैनेजर विजय की कुलगाम में आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इससे पहले मई में दो पुलिसकर्मियों, कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट, टीवी अदाकारा व शिक्षिका रजनी बाला को भी मार डाला था। हालांकि सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस साल अब तक 30 पाकिस्तानी सहित 109 आतंकियों को मार गिराया है। ब्यूरो
फारूक की हत्या से पूरे गांव में मातम है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। फारूक की बेटी महक ने दोषियों का पता लगाने और उन्हें दंडित करने के लिए पुलिस से जांच की मांग की। रोते हुए बेटी ने कहा कि उसको नहीं छोडूंगी जिसने मेरे अब्बू के साथ ऐसा किया।
जब पुलिस जांच करेगी तो मैं पूरा सहयोग करूंगी। मैं चाहती हूं कि उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मैंने उन्हें कल शाम को देखा था। हम चाय पी रहे थे और वे बहुत खुश थे। उनका किसी से कोई मतभेद नहीं था।
रिहाना ने कहा कि आतंकियों ने सहारा छीन लिया है। जिसने भी उन्हें मार डाला उसे हम नहीं जानते लेकिन हम उससे पूछना चाहते हैं कि यह हत्या करके उसे क्या मिला। वह इस घर में एकमात्र कमाने वाले थे। हत्यारा भगवान को क्या जवाब देगा। अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी आतंकियों द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या की निंदा की और कहा कि इसमें शामिल लोगों को जल्द से जल्द खोजा जाना चाहिए और कड़े कानून से निपटा जाना चाहिए।
छह साल के बेटे को नहीं पता कि पिता दोबारा नहीं लौटेंगे
सब इंस्पेक्टर को अवंतिपोरा में श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस के आला अधिकारी और उनके परिवार वाले मौजूद थे। जिस समय पिता को श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो उनका 6 साल का बेटा मुस्कुराता दिख रहा था। मासूम को शायद यह नहीं पता था कि उसके पिता दोबारा वापस नहीं आएंगे।
बड़ी बेटी बांग्लादेश में कर रही एमबीबीएस : फारूक अपने पीछे बूढ़े बाप, पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी बांग्लादेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी 12वीं कक्षा और बेटा तीसरी कक्षा में है। कल रात से ही फारूक के घर पर ग्रामीणों और परिवार सदस्यों का तांता लग गया।