जीओसी के अनुसार सेना की यह रणनीति है कि इलाके में सभी आतंकियों को जल्द मार गिराया जाए ताकि इनके जरिए वायरस न फैल पाए। आतंकी एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं। इस वजह से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना हर समय आवाम की मदद के लिए तैयार है।
वहीं, सेनगुप्ता ने बताया कि कल रात सूचना मिली कि आतंकी, इलाके में लोगों से जबरन पनाह मांग रहे हैं। आनन-फानन में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया। जवानों ने इलाके की घेराबंदी करनी शुरू की। इसी दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभाला।
कई घंटे चली इस मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। मारे गए आतंकी हिजबुल के हैं। इनके पास से एक एसएलआर, एक एके-47, एक इंसास राइफल और एक पिस्टल मिली है। बता दें कि इंसास और एसएलआर सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल की जाती है।