गणतंत्र दिवस पर आतंकी देशभर में बड़े आतंकी हमले करने की तैयारी में हैं, जिसकी रिहर्सल कश्मीर में शुरू की गई है। एक हफ्ते से लगातार कश्मीर में आतंकी वारदातें हो रही हैं।
एक हफ्ते के भीतर कश्मीर में चार बार मुठभेड़ हुई, दो बार बड़े आतंकी हमले हुए, सात बार घुसपैठ हुई। इस दौरान सेना का कर्नल, एक जेसीओ और दो जवान शहीद हो गए, जबकि आठ आतंकियों को मार गिराया गया।
चार अन्य जवान और दो कर्नल भी वारदातों में जख्मी हुए। एक आम नागरिक मारा गया और तीन घायल हो गए। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो बर्फ गिरने से पहले हर हाल में घुसपैठ की कोशिश करने में जुटे आतंकी बौखलाकर सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं।
यही कारण है कि सभी आतंकी संगठन एकजुट होकर उत्तर और दक्षिण कश्मीर में हमला कर रहे हैं। लश्कर-ए-तोएबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-इस्लाम आदि ग्रुप मिलकर काम कर रहे हैं।
पिछले गणतंत्र दिवस पर भी आतंकियों ने पुलवामा में हमला किया। इसमें कर्नल एनएन राय और पुलिस के कांस्टेबल संजीवन सिंह शहीद हो गए थे। कुछ ऐसे ही हमले आतंकी देश के अन्य हिस्सों में गणतंत्र दिवस पर करना चाहते हैं।
दरअसल, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा औलांद मुख्य अतिथि के तौर पर आ रहे हैं। फ्रांस में कुछ दिन पहले ही मुंबई जैसा आतंकी हमला हुआ था।
इसके बाद पीएम ने औलांद को गणतंत्र दिवस के समारोह में मुख्य अतिथि बनने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस वर्ष अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आए थे। आतंकी औलांद के आगमन में खलल की पूरी कोशिश में हैं।