वर्ष 2017 में अंतिम छह महीने में आतंकियों के खिलाफ चलाया गया आपरेशन आल आउट काफी सफल रहा। लेकिन नए साल में इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही है। शौपियां में सैन्य कार्रवाई के दौरान मारे गए उपद्रवी युवकों की घटना के बाद यह रफ्तार और कम हो गई।
2017 में आपरेशन आलआउट शुरू होने के बाद घाटी में अंतिम छह महीने में 150 के करीब आतंकी मारे गए। 20 से अधिक आतंकी कमांडर ढेर किए गए। जबकि 50 से ज्यादा आतंकियों के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर पकड़े गए।
लेकिन नए साल में यह रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। पिछले 45 दिनों में घाटी में सिर्फ 11 आतंकी मारे गए हैं। जबकि सात जवान शहीद हो गए। जबकि इसके पहले एक महीने में 20 से 30 आतंकी ढेर किए जा रहे थे। इन 45 दिनों में आतंकी नवीद को आतंकियों द्वारा हमला कर छुड़ा जाना एक बड़ी चूक और नाकामी भी है।