एसपी ने कहा कि अब्दुल्ला अभी सात-आठ साल का है। इसलिए पुलिस उससे संवेदनशीलता के साथ पूछताछ कर रही है, ताकि वह उस पार के किसी संपर्क के बारे में कोई जानकारी दे और उसे उसके घर भेजा जा सके।
दूसरी ओर बच्चे की अंकल वाली बात पर यकीन किया जाए तो यह एक नया खुलासा है कि पीओके में मौजूद आतंकवादी घुसपैठ के पहले भारतीय सेना की रेकी और अन्य जरूरी सूचनाओं के लिए अब बच्चों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे आने वाले दिनों में नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना की परेशानियां बढ़ सकती हैं। दूसरी तरफ इस नए आतंकी हथकंडे से पीओके में रहने वाले बच्चों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।
पुलिस की तरफ से कई बार की पूछताछ में बच्चे ने एक बात बार-बार कही कि उस पार मौजूद सात-आठ अंकल ने उससे कहा था कि उस पार नाले में हमारा सामान पड़ा है, उसे ले आओ। बच्चे ने बताया कि उसके पीछे एक व्यक्ति कुछ दूरी तक आया और बाकी छुप गए। जब बच्चा सीमा पार करने लगा तो वह भी वापस चला गया। उसने जाने से पहले कहा था कि देखते हुए जाना, सामान मिल जाएगा। बच्चे के अनुसार, उसका कुछ सामान उसे भेजने वालों ने अपने पास रख लिया और कहा कि जब लौटोगे तब वापस कर देंगे।