बांडीपोरा जिले के सुंबल इलाके में सोमवार को गुलाबवाड़ी नहर से एक आतंकी का शव बरामद हुआ। यह आतंकी कुछ दिन पहले श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग पर मिर्गुण्ड इलाके के करीब पुलिसकर्मियों पर हमले करने का आरोपी था।
जानकारी के अनुसार लोगों को इलाके में एक शव मिला, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इस दौरान तलाशी में एक पिस्तौल बरामद हुई।
नार्थ जोन के डीआईजी गरीब दास ने बताया कि पोस्टमार्टम और जांच से यह बात सामने आई है कि शव खूंखार आतंकी तारिक अहमद मीर उर्फ तारिक मवार का है, जो हंदवाड़ा के लंगेट इलाके के अदूरा मवार गांव का रहने वाला था।
तारिक घाटी में मोबाइल टावरों पर हमलों को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड क्यूम नजर का खास सहयोगी था और एक खूंखार आतंकी था, जो पिछले कई वर्षों से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था।
डीआईजी ने यह खुलासा भी किया कि मिर्गुण्ड में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद पुलिस ने सुंबल इलाके के गोहल टेंगपुरा में घेराबंदी की। जैसे ही वह आगे बढ़े तो दो युवाओं ने रोजपुर नाले में छलांग लगा दी।
पुलिस ने उन पर गोलियां नहीं बरसाई, क्योंकि उन्हें लगा कि वह सिविलियन हैं। उन्होंने कहा कि तारिक उनमें से एक था, जो नाले को पार करने में विफल रहा होगा।
दास ने कहा कि तारिक और क्यूम उत्तरी कश्मीर में कई हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार रहे हैं। तारिक के परिवार को शव की शिनाख्त के लिए सूचित किया गया है।