जम्मू/श्रीनगर। कुछ समय पहले बारामुला जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित करनेे और उत्तरी कश्मीर में आतंक का ग्राफ गिरने से बौखलाए आतंकी संगठनों के आकाओं ने एक बार फिर से रणनीति में बदलाव किया है। इसे फिर से आतंक का हॉट बेल्ट बनाने के प्रयास में हैं। आतंकी संगठनों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं का ज्यादा से ज्यादा हमले करने का फरमान मिला है। यही वजह है कि पिछले एक महीने में सात आतंकी हमले हुए जिसमें 18 जवानों को शहादत देनी पड़ी। आठ आतंकी भी मारे गए।
पुलिस के एक आला अधिकारी ने उत्तरी कश्मीर में बढ़ रहे हमलों के संबंध में बताया कि आतंकियों की यह रणनीति ही है। कभी वह दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षाबलों का ध्यान बटोरने के लिए सरगमियां तेज करते हैं और कभी उत्तरी कश्मीर में। यह सिलसिला पिछले कई दशकों से चल रहा है।
पिछले तीन दिन की घटनाओं पर नजर डालें तो उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में ही आतंकी हमलों के दौरान सेना के कर्नल मेजर और पुलिस के एसआई समेत कुल 8 जवान शहीद हुए हैं। यह साबित करता है कि आने वाले दिनों में कुपवाड़ा जिला विशेष तौर पर हंदवाड़ा हॉट बेल्ट साबित हो सकती है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के अनुसार आतंकी संगठनों को पाकिस्तान में बैठे आकाओं से उत्तरी कश्मीर पर ध्यान देने के आदेश प्राप्त हुए हैं। डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह रेंज में भी नेटवर्क बढ़ाने को कहा गया है।
एलओसी के रास्ते घुसपैठ कर रहे आतंकी
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार केरन सेक्टर के ठीक सामने पीओके में स्थित दुधनियाल, शारधा और अथमुकाम में स्थित आतंकी लांचिंग पैड्स को दोबारा एक्टिवेट कर दिया गया है। आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना भी लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी कर रही है। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही केरन सेक्टर में हुई भीषण मुठभेड़ में 5 आतंकियों के पूरे ग्रुप को मार गिराया गया था लेकिन सेना की स्पेशल फोर्स के 5 जवान भी शहीद हुए थे। सूत्रों के अनुसार केवल अप्रैल महीने में उत्तरी कश्मीर से सटी एलओसी के रास्ते 25 से अधिक आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब हुए हैं।
उत्तरी कश्मीर में पाकिस्तान से घुसपैठ करना आसान
आतंकी धीरे-धीरे अपना रुख दक्षिणी कश्मीर से उत्तरी कश्मीर की तरफ कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो दक्षिण कश्मीर में आतंकियों का नेटवर्क दम तोड़ चुका है। कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा आदि की एलओसी उत्तर कश्मीर में है। यहां से आतंकियों के लिए पाकिस्तान से घुसपैठ करना भी आसान है। ऐसे में आतंकियों ने घुसपैठ के बाद इन्हीं इलाकों में अपने ठिकाने बनाने शुरू कर दिए हैं।
उत्तरी कश्मीर में एक महीने में घटी बड़ी घटनाएं
3 अप्रैल : हंदवाड़ा और सोपोर में लश्कर के 4 आतंकियों सहित 5 समर्थक गिरफ्तार।
5 अप्रैल : केरन सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में 5 आतंकी ढेर और 5 जवान शहीद।
8 अप्रैल : आरमपोरा सोपोर में हुई मुठभेड़ में जैश कमांडर सज्जाद नवाबी ढेर।
9 अप्रैल : बारामुला जिले में जैश ए मोहम्मद का आतंकी बशीर अहमद गिरफ्तार।
12 अप्रैल : तुमाना चौकीबल में पाकिस्तानी गोलाबारी में 3 स्थानीय लोगों की मौत।
18 अप्रैल : अहदसाब सोपोर में आतंकी हमले में 3 सीआरपीएफ के जवान शहीद।
27 अप्रैल : उड़ी में लश्कर के एक सक्रिय आतंकी जुबैर अहमद तांतरे और समर्थक बिलाल अहमद राथर गिरफ्तार।
1 मई : उड़ी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में सेना के दो जवान शहीद और 2 बच्चियां घायल।
2 मई : हंदवाड़ा में लश्कर कमांडर हैदर समेत 2 आतंकी ढेर। कर्नल, मेजर और पुलिस के एसआई सहित 5 शहीद।
4 मई : हंदवाड़ा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमला, 3 जवान शहीद और 1 स्थानीय नागरिक की मौत।