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सीमा पार घुसपैठ की बड़ी रणनीति, सीमा पर बढ़ी चौकसी

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हीरानगर सेक्टर में पाक रेंजरों द्वारा सीजफायर का उल्लंघन कर गोलाबारी किए जाने के बाद आरएस पुरा सेक्टर में भी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जवान उस पार की गतिविधियों पर पैनी निगाह जमाए हुए हैं।
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कठुआ जिले की सीमा पर रेंजरों ने रात के समय गांव को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। इससे आरएस पुरा सेक्टर में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। आशंका है कि पाक रेंजर उकसावे और घुसपैठ की रणनीति के तहत भारतीय पोस्टों के साथ गांव को निशाना बना सकते हैं।

पहले भी पाकिस्तान क्षेत्र से इसी प्रकार अकारण गोलाबारी की जाती रही है। पीपुल्स सेक्यूलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि माहौल खराब करने के लिए सीमा पार से कई प्रकार के हथकंडे अपनाए जाते हैं।
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कभी फिदायीन हमले कर पुलिस चौकियों को निशान बनाया जाता है, तो कभी बेगुनाह लोगों को मारा जाता है। अब कश्मीर में हालत खराब करने के लिए हुर्रियत के नेता अपनी ताकत लगाने में लगे हैं।

गुप्तचर विभाग के सूत्रों की मानें, तो उनका कहना है कि पाकिस्तान क्षेत्र में पाक सीमा पर कई आतंकवादियों को घुसपैठ करवाने की फिराक में पाक है। इसके तहत आरएस पुरा सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा सकता है।
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पाक के सीजफायर तोड़ने से दहशत में ग्रामीण

पाकिस्तान की ओर से कठुआ जिले सीजफायर तोड़ने से आरएस पुरा सेक्टर के सीमावर्ती ग्रामीण दहशत में हैं। सीमांत गांव अब्दुल्यिं के ग्रामीण रमेश लाल, दर्शन लाल, अजीत सिंह का कहना है कि सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं।

जब कभी पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की जाती है, तो सीमांत ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। पूर्व की यूपीए सरकार की तरह अब एनडीए सरकार भी सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की अनदेखी कर रही है।

सुरक्षित स्थानों पर अब तक प्लाट नहीं मुहैया करवाया गया। गत वर्ष हुई गोलाबारी के बाद राज्य सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार अब तक राशन उपलब्ध नहीं करवाया गया।

सीमांत गांव कोरोटाना के चमन लाल, पूर्ण सिंह, प्रकाश चंद का कहना है कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन करने पर उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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