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जज के आगे पाक आतंकी नावेद फफक कर रो पड़ा

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उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमला करने के बाद जिंदा पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब शनिवार को एनआईए की विशेष अदालत में फफक-फफक कर रो पड़ा।
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नावेद ने रोते हुए जज वाईपी कोतवाल से कहा कि उसे 22-22 घंटे जेल की बंद कोठरी में रखा जाता है। इससे उसका जीना मुहाल हो गया है। अल्लाह के लिए उसे बंद कोठी से निजात दिलाई जाए।

उल्लेखनीय है कि कोट भलवाल जेल के सुपरिंटेंडेंट ने पहले ही अदालत को लिखित जानकारी दी है कि इस कोर्ट में कई ऐसे खूंखार कैदी हैं, जिनसे उधमपुर हमले के चारों आरोपियों को खतरा हो सकता है।
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ऐसे में इन्हें खुले बैरक में नहीं रखा जा सकता। इससे पहले पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह खान पर अन्य कैदी ने हमला किया था।

नावेद को मिल गया वकील

उधमपुर हमले के चारों आरोपियों, नावेद, शौकत अहमद भट, खुर्शीद अहमद भट और शाबजार की न्यायिक अवधि पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार को एनआईए अदालत में पेश किया गया।

जहां से उन्हें 14-14 दिनों की रिमांड पर फिर जेल भेज दिया गया। जज के सामने नावेद ने रोते हुए कहा कि उसके परिवार वालों से उसकी बातचीत अभी तक नहीं करवाई गई।

इस पर जज ने एनआईए को निर्देश दिए कि विदेश मंत्रालय के मार्फत पाकिस्तान सरकार से संपर्क किया जाए और नावेद की उसके परिवार वालों से बातचीत करवाने का प्रयास किया जाए।

सुनवाई के दौरान नावेद ने जज से कहा कि चालान पेश होने से पहले उन्हें वकील मुहैया करवाया जाए। इस पर जज ने पब्लिक प्रोसिक्यूटर से सरकारी वकील उपलब्ध करवाने को कहा।

आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद नावेद को एडवोकेट सुबोध सिंह जम्वाल की सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं। इसके अलावा अदालत ने अन्य तीनों आरोपियों को कहा कि वह अपने परिवार वालों से संपर्क कर वकील रख सकते हैं।
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नावेद को वाघा बार्डर ले जाया जाएगा

आतंकी हमले को तीन माह बीत जाने के बावजूद अभी तक पाकिस्तान द्वारा मोहम्मद नावेद को अपना नागरिक नहीं माना है, लेकिन एनआईए उसका ‘काउंसलर एक्सेस’ करवाएगी।

मिली जानकारी के अनुसार एनआईए टीम विदेश मंत्रालय के मार्फत पाकिस्तानी सरकार से संपर्क करेगी। उसके बाद नावेद को वाघा बार्डर ले जाया जाएगा, जहां उनके परिवार के लोगों से मिलवाया जाएगा।

एनआईए सूत्रों के अनुसार यह तभी संभव है, जब पाकिस्तानी सरकार इसके लिए तैयार होती है। एनआईए इसके लिए आवश्यक कार्यवाही कर रही है। उम्मीद है कि कार्यवाही पूरी होते ही अगले कुछ दिनों में उसे अमृतसर के वाघा बार्डर लेकर पहुंचेगी।
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