उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमला करने के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब का रिमांड फिर 14 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।
एनआईए की विशेष अदालत के जज वाईपी कोतवाल ने नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के आवेदन पर नावेद के अलावा लश्कर के ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) व ड्राइवर खुर्शीद अहमद भट, शौकत अहमद भट और शाबजार अहमद का भी रिमांड 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है।
चारों को सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच कोट भलवाल स्थित सेंट्रल जेल से कोर्ट लाया गया। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त को बीएसएफ के काफिले पर हमला करने के बाद दो ग्रामीणों ने नावेद को पकड़ लिया था।
हालांकि नावेद को 14 दिनों का रिमांड देने से उसकी न्यायिक रिमांड 90 दिनों से ज्यादा हो रही है। लेकिन एनआईए के सरकारी अभियोजक ने दलील दी कि हमले में आरोपियों से पूछताछ में काफी तथ्य मिले हैं।
हमले में उनका पूरी तरह से शामिल होना भी स्पष्ट हो गया है। इस हमले की योजना में शामिल कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी होनी बाकी है। पीपी ने अदालत से निवेदन किया कि अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन तक करने की इजाजत दी जाए।
एनआईए के पीपी की दलीलों पर गौर करने के बाद अदालत ने पाया कि अभी मामले की जांच चल रही है। आतंकी वारदात में शामिल पाकिस्तानी आतंकियों के मददगारों की तलाश में छापामारी जारी है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पाया कि 90 दिनों की न्यायिक रिमांड में जांच पूरी होना संभव नहीं है, इसलिए अदालत ने 90 दिनों से ज्यादा का रिमांड दे दिया।
पाकिस्तानी आतंकियों को कश्मीर घाटी में एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने और आर्थिक मदद करने वाले फैयाज अहमद इट्टू और फैयाज अहमद सेठा के गैर जमानती वारंट एनआईए ने पहले ही अदालत से हासिल किए हैं।