इससे पहले उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में इसी साल जनवरी में आतंकी आईईडी ब्लास्ट कर चुके हैं, जिसमें चार पुलिसकर्मी मारे गए थे। जैश ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसमें भी पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाया गया था। आईईडी एक दुकान के बाहर प्लांट किया गया था।
अलगाववादियों की हड़ताल के मद्देनजर सुरक्षा बल पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी आतंकियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया। जनवरी में ही श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके एचएमटी के पास भी सुरक्षा बलों के वाहन को निशाना बनाने के लिए दो आईईडी प्लांट किए गए थे। समय रहते इन्हें निष्क्रिय बनाया गया और आतंकियों की साजिश को नाकाम बनाया गया।
घाटी में आईईडी ब्लास्ट का सिलसिला वर्ष 2015 में थम गया था। सुरक्षा एजेंसियों के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल आतंकियों ने दो आईईडी ब्लास्ट कर भारी नुकसान पहुंचाया है। विस्फोट की एक कोशिश को नाकाम बनाया गया है। आतंकियों के इस तरीके को अपनाए जाने के बाद से अब रोड ओपनिंग पार्टी को और सतर्क करना होगा। खासकर उन इलाकों में जहां सुरक्षा बलों की पेट्रोलिंग पार्टियां अक्सर आती जाती रहती हैं।