फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नक्सलियों के नक्शे कदम पर घाटी के आतंकी, आईईडी विस्फोट कर सुरक्षा बलों को बना रहे निशाना

Tue, 29 May 2018 12:39 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

घाटी के आतंकी अब सुरक्षा बलों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों की तकनीक अपनाने लगे हैं। नक्सलियों की तर्ज पर आईईडी विस्फोट कर सुरक्षा बलों के वाहनों को उड़ाने की साजिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर खतरा मान रही हैं। इनका मानना है कि अब एक नए मोर्चे पर लगना होगा। 

विज्ञापन


हिजबुल का टाप कमांडर जीनत उल इस्लाम आईईडी का एक्सपर्ट माना जाता है। ए डबल प्लस कैटेगरी का यह आतंकी सेना की हिटलिस्ट में भी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जीनत उल इस्लाम अपने संगठन के नए युवाओं को आईईडी ब्लास्ट की ट्रेनिंग दे रहा है। सोमवार को जिस स्थान पर सेना के वाहन को निशाना बनाया गया है उसी के  पास जीनत का गांव भी है।

माना जा रहा है कि दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय हिजबुल ने अपने आतंकियों के माध्यम से आईईडी प्लांट कराया। वह भी उस रास्ते को चुना गया जिस पर सुरक्षा बलों की पेट्रोलिंग गाड़ियां धड़ल्ले से आती जाती हैं। साजिश थी कि सुरक्षा बलों के वाहन के परखच्चे उड़ जाएं। इसी वजह से दो आईईडी कुछ दूरी पर प्लांट किए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रोड ओपनिंग पार्टी को और किया जाएगा सतर्क

इससे पहले उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में इसी साल जनवरी में आतंकी आईईडी ब्लास्ट कर चुके हैं, जिसमें चार पुलिसकर्मी मारे गए थे। जैश ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसमें भी पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाया गया था। आईईडी एक दुकान के बाहर प्लांट किया गया था।

अलगाववादियों की हड़ताल के मद्देनजर सुरक्षा बल पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी आतंकियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया। जनवरी में ही श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके एचएमटी के पास भी सुरक्षा बलों के वाहन को निशाना बनाने के लिए दो आईईडी प्लांट किए गए थे। समय रहते इन्हें निष्क्रिय बनाया गया और आतंकियों की साजिश को नाकाम बनाया गया। 

घाटी में आईईडी ब्लास्ट का सिलसिला वर्ष 2015 में थम गया था। सुरक्षा एजेंसियों के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल आतंकियों ने दो आईईडी ब्लास्ट कर भारी नुकसान पहुंचाया है। विस्फोट की एक कोशिश को नाकाम बनाया गया है। आतंकियों के इस तरीके को अपनाए जाने के बाद से अब रोड ओपनिंग पार्टी को और सतर्क करना होगा। खासकर उन इलाकों में जहां सुरक्षा बलों की पेट्रोलिंग पार्टियां अक्सर आती जाती रहती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें