कश्मीर में सुरक्षा बलों पर पेट्रोल बम से हमलों का खतरा बढ़ गया है। उपद्रवियों और हिजबुल मुजाहिदीन ने संयुक्त सुरक्षा बलों पर अब पत्थरों की जगह पेट्रोल बम के हमले की साजिश रची है। इन हमलों में बच्चों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
उपद्रवियों ने घाटी के ग्रामीण इलाकों में पानी की छोटी बोतलों का भंडारण शुरू किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में आतंकियों और उपद्रवियों की इस साजिश को रेखांकित किया है।
गर्मी के मौसम में घाटी को फिर से हिंसा की आग में झोंकने के षड़यंत्र की व्यूहरचना की गई है। पत्थर की जगह पेट्रोल बम से हमले की सूचना के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने हालात से निपटने की अग्रिम तैयारियां शुरू कर दीं हैं। सुरक्षा बलों की हर कार्रवाई के दौरान अग्नि शमन दस्ते तैनात करने की योजना है। उधर केंद्र सरकार हिंसा रोकने और प्रभावी अग्रिम कार्रवाई को अंतिम रूप दे रही है।
समर अनरेस्ट की साजिश को विपल करने का बन रहा प्लान
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सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मुलाकात में भी समर अनरेस्ट की साजिश को विफल करने पर चर्चा हुई थी। केंद्र ने रियासत सरकार को इस बाबत कार्ययोजना तैयार करने की सलाह दी है।
सेना अध्यक्ष बिपिन रावत द्वारा मुठभेड़ में आतंकियों की मदद करने वाले लोगों से भी आतंकी की तरह निपटने के निर्देश के बाद से पत्थरबाजी घटनाएं घटने के बजाए और बढ़ गईं हैं। सेना अध्यक्ष द्वारा पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों, सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों और सेना की संयुक्त रणनीति पर जोर दिए जाने के बाद यूनिफाइड कमांड की बैठक जल्द होने की संभावना है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी, सीआरपीएफ समेत अन्य बलों के महानिदेशक स्तर के अधिकारियों और सेना की 15वीं और 16वीं कोर के कमांडरों की बैठक मार्च के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। उधर अलगाववादियों ने जेलों में बंद लोगों की रिहाई के लिए बंद और हड़ताल के श्रृखंलाबद्ध आयोजन की योजना बनाई है।
मस्जिद कमेटियों और मदरसों के प्रबंधकों पर अलगाववादियों की मजबूत पकड़ के कारण बंद और हड़ताल के आयोजनों में बड़ी संख्या में आम लोगों की शिरकत होती रही है। इन प्रदर्शनों के दौरान ही उपद्रवी पत्थरबाजी शुरू कर देते हैं। मस्जिदों से आजादी के तराने बजाने और प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील रोकने पर भी सुरक्षा एजेंसियां काम कर रही हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कश्मीर के बाबत एक दीर्घकालीन नीति का प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल , केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य प्रमुख अधिकारियों की बैठक के बाद इस नीति को लागू किए जाने की संभावना है।