श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान पंजाब और जम्मू-कश्मीर के नेशनल हाईवे पर सुरक्षाबलों की पैनी नजर रहेगी। ऐसी आशंका है कि आतंकी हाईवे पर यात्रियों के काफिलों को निशाना बना सकते हैं। लिहाजा ऐसी जगहों की सूची बनाई जा रही है, जहां हमले का खतरा है। खासकर कश्मीर घाटी में। अकेले नेशनल हाईवे पर दो से तीन हजार के करीब सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है।
पिछले साल आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर अनंतनाग में हमला कर दिया था, जिसमें सात यात्रियों की मौत हो गई थी। इस साल सुरक्षा बल कोई रिस्क नहीं लेंगे। सूत्रों का कहना है कि जम्मू से लेकर श्रीनगर नेशनल हाईवे और इसके आगे गांदरबल एवं पहलगाम जिलों के मुख्य रोड पर हर दो से तीन किलोमीटर पर जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात होंगे। यह सुरक्षाकर्मी हाईवे से लगने वाले सभी लिंक रोड की हर रोज पेट्रोलिंग करेंगे। दरअसल, ऐसी संभावना है कि हाईवे से जुड़ने वाले लिंक रोड का इस्तेमाल कर आतंकी हमला कर सकते हैं।
यात्रा के सभी उचित प्रबंध किए हैं
एसपी वैद
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कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, श्रीनगर, गांदरबल, पहलगाम, पुलवामा जिलों के अधीन आने वाले हाइवे पर पूरी तरह से फोकस रहेगा। अनंतनाग से लेकर पांपोर तक का हाईवे सबसे अधिक खतरनाक है। यहां आतंकी काफिलों पर ग्रेनेड हमला कर सकते हैं। इसलिए हाईवे पर सुरक्षाकर्मियों की विशेष टुकड़ियां तैनात की जाएंगी, ताकि ये लोग ऐसा करने वालों पर नजर रख सकें।
अमरनाथ की सुरक्षा के लिए सभी उचित प्रबंध किए जा रहे हैं। यह नहीं बता सकते कि हाइवे के लिए विशेष क्या किया गया है। लेकिन हम सभी खतरनाक प्वाइंटों पर नजर रखेंगे।
- एसपी वैद, डीजीपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस