प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त चार कश्मीरी पंडितों ने सुरक्षा के लिए आवेदन किया है। इनका कहना है कि वे गुरुवार को श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या से अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अल्पसंख्यक समुदाय के दो शिक्षकों की आतंकियों द्वारा दिनदहाड़े की गई हत्या से प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी के विभिन्न जिलों में नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में दहशत है। कश्मीर के विभिन्न जिलों से कई पंडित कर्मचारियों ने जम्मू का रुख कर लिया है। इस बीच गांदरबल जिले के तुलमुला जोन में तैनात चार कश्मीरी पंडित शिक्षकों की ओर से सुरक्षा खतरा बताए जाने पर उन्हें खीरभवानी मंदिर में सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया है।
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तुलमुला के जोनल शिक्षा अधिकारी के आदेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त चार कश्मीरी पंडितों ने सुरक्षा के लिए आवेदन किया है। इनका कहना है कि वे गुरुवार को श्रीनगर में दो शिक्षकों की हत्या से अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस आधार पर इन चारों शिक्षकों को अगले आदेश तक कड़ी सुरक्षा घेरा में खीर भवानी मंदिर में रहने को कहा गया है। बडगाम के शेखपोरा में बने ट्रांजिट आवास से भी कुछ पंडित कर्मचारियों ने जम्मू जाने की बात की पुष्टि की है। आल कश्मीरी माइग्रेंट इम्प्लाइज फोरम कश्मीर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्थिति सामान्य होने तक ड्यूटी से छूट देने की मांग की है।