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Terrorist Attack in Dhangri: ढांगरी गांव में पहले सुरक्षा चूक से हुआ आतंकी हमला, फिर लापरवाही से आईईडी धमाका

Tue, 03 Jan 2023 05:09 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

Rajouri Terror Attack: आतंकी हमला होने के बाद एसओपी कहती है कि तब तक वहां किसी को नहीं जाने दिया जाता, जब तक कि पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से खंगाला नहीं जाए। ढांगरी में ऐसा किए बिना ही घर के लोगों को वहां जाने दिया गया। 
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Dangri terror attack - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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राजोरी-पुंछ के पीर पंजाल के जंगलों और पहाड़ों पर 7 महीनों से आतंकियों के होने के इनपुट पुलिस के पास हैं। बावजूद इसके राजोरी में 15 दिन के भीतर दो आतंकी हमले हो गए। जो सुरक्षा में एक बड़ी चूक मानी जा रही है, जबकि रविवार को ढांगरी में हमला होने के बाद सोमवार फिर से इसी घर में आईईडी धमाका होना पुलिस की लापरवाही है।

पूरे क्षेत्र को नहीं खंगाला गया

इस तरह के मामलों में एसओपी साफ कहती है कि किसी भी जगह आतंकी हमला होने के बाद तब तक वहां किसी को नहीं जाने दिया जाता, जब तक कि पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से खंगाला नहीं जाए, लेकिन ढांगरी में ऐसा किए बिना ही घर के लोगों को वहां जाने दिया गया।

उमर अब्दुल्ला ने भी इसे लापरवाही माना

इसकी वजह से आईईडी धमाका हुआ और दो मासूम बच्चियों की जान चली गई। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इसे एक लापरवाही माना है। उमर ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा, आईईडी धमाका सुरक्षाबलों की ओर से स्पष्ट लापरवाही है, जिसकी जांच होनी चाहिए।

घटनास्थल को पूरी तरह से खंगाला जाता है

ऐसा लगता है कि एसओपी का पालन नहीं किया गया। पूर्व में होने वाले आतंकी हमलों और मुठभेड़ के बाद घटनास्थल को पूरी तरह से बम निरोधक दस्ते के साथ खंगाला जाता है। तब तक वहां किसी भी स्थानीय व्यक्ति या फिर घर के लोगों को नहीं जाने दिया जाता।

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यहां पर ऐसा नहीं किया गया है। पूर्व के हमलों और मुठभेड़ से सीख नहीं ली गई है। उल्लेखनीय है कि पीर पंजाल के जंगलों में आतंकियों की सूचना के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह पूरी तरह से सक्रिय थे।

हंदवाड़ा में आतंकी आकाओं के फोटो जलाए

राजोरी हमले के खिलाफ भाजपा ने हंदवाड़ा में प्रदर्शन किया और आतंकी आकाओं के पोस्टर जलाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता और जिला उपाध्यक्ष जावेद कुरैशी ने लोगों से मासूमों की हत्या के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निहत्थे नागरिकों पर हमला करना कायरतापूर्ण, बर्बर और शर्मनाक है। आतंकवादियों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पाकिस्तान में बैठे आतंकवाद के आकाओं के पोस्टर भी जलाए गए। 

पीडीपी अध्यक्ष ने राजोरी हमले की निंदा की

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने सोमवार को राजोरी में हुई नागरिकों की हत्या की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा के आतंकवाद को ख़त्म करने के दावों के बावजूद हिंसा बेरोकटोक हो रही है। 

 

महबूबा ने अपने ट्विटर हेंडल पर किये गए एक ट्वीट में लिखा, इस कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करते हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। भाजपा के शासन में होने और उग्रवाद को खत्म करने के उसके झूठे दावों के बावजूद हिंसा बेरोकटोक जारी है।  

राजोरी जैसे हमलों से विशेष पार्टी को होता है फायदा: महबूबा

राजोरी जैसे हमलों और हिंदुओं की हत्या से विशेष पार्टी को फायदा होता है। यह पार्टी लोगों को बांटता है और धर्म के नाम पर नफरत पैदा करती है। इन हमलों से हिंदू-मुस्लिम समुदाय में दरार डालने की कोशिश की जा रही है। यह बात अनंतनाग में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कही। उन्होंने राजोरी आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि यूटी के प्रत्येक नागरिक की हत्या जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी क्षति है। मुफ्ती ने कहा कि 5 साल के मासूम बच्चे को मारना कौन सी इंसानियत है। संवाद

मासूमों की हत्या देश भर में फैलाई जा रही नफरत का नतीजा: फारूक

पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मासूमों की हत्या देश में फैलाई जा रही नफरत का नतीजा है। गृह मंत्रालय को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक रास्ता खोजना चाहिए। राजोरी हमले को लेकर उन्होंने बडगाम जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बड़े दुख की बात है कि आतंकवाद अभी भी इस रियासत में चल रहा है।
 

बेगुनाहों को मारा जा रहा है।  उन्होंने कहा कि यह बीमारी अब बढ़ गई है, सारे वतन में नफरत जिस तरह फैलाई जा रही है, यह उसी का नतीजा है। आज मुसलमान को अलग खड़ा किया जा रहा है, हिन्दू को अलग। उन्होंने कहा, इसके पीछे कौन जिम्मेदार है और कौन नफरत फैला रहा है।

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जिस हिन्दू परिवार के सदस्यों को मारा गया वो किसके दुश्मन थे, क्या था उनके पास। कुछ भी नहीं, जिस कश्मीरी पंडित को शोपियां में मारा गया, उसका क्या कसूर था। इसमें गृह मंत्रालय को रास्ता निकालने की जरूरत है। डॉ. फारूक ने एक सवाल के जवाब में कहा, मैं समझता हूं कि यह बर्बादी का रास्ता अख़्तियार किया जा रहा है। बर्बादी से कुछ नहीं निकलेगा। हमारी बाउंड्री बदलेगी नहीं, मगर हमारी बर्बादी और तेज हो जाएगी। नफ़रतें बढ़ जाएंगी। राजोरी हमले के संबंध में उन्होंने यह भी कहा कि मेरे हाथ में कुछ नहीं है, मजम्मत करने के अलावा। 

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