अलगाववादी कश्मीरी नेता शब्बीर अहमद शाह
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जम्मू-कश्मीर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है। बता दें कि ये संपत्ति शब्बीर शाह की पत्नी और बेटियों के नाम है। वहीं उनकी पत्नी के अनुसार उन्हें ऐसा कोई भी नोटिस नहीं मिला है।
ईडी ने शब्बीर शाह की श्रीनगर के अफंदी बाग, रावलपोरा स्थित उनके घर की संपत्ति को अटैच किया है। ये संपत्ति मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत अटैच की गई है। वर्ष 1999 में इनकी संपत्तियों की कीमत तकरीबन 25 लाख रुपये थी। ईडी ने इस मामले में शाह को 26 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किया था।
ईडी द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सक्रीय कार्यकर्ता असलम वानी के जरिये पाकिस्तान स्थित हमदर्दों के द्वारा श्रीनगर में हवाला ऑपरेटरों से भेजे गए पैसे इकट्ठा करता है। वह अपने साथी मोहम्मद के साथ अवैध गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल रहा है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि ईडी ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की है। ईडी ने असलम वानी व शाह के खिलाफ सितंबर 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया था। एजेंसियों का कहना है कि शाह एक बेहद रसूखदार नेता हैं। उनके पास 19 संपत्ति हैं जिनमें मकान, फ्लैट व होटल हैं, जिसकी कीमत तीन करोड़ से ज्यादा है।
बता दें कि शब्बीर शाह 20 माह से हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने मामले में सह आरोपी असलम वानी को 18 जनवरी 2019 को जमानत दे दी गई थी। अदालत ने आतंकी फंडिंग के मामले में वानी को 2010 में बरी कर दिया था और उस पर हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी। शब्बीर शाह की पत्नी डॉ. बिलकीस शाह ने बताया कि उनकी कोई भी संपत्ति अटैच नहीं की गई है।
जितनी भी संपत्ति उनके पास है उसकी जानकारी उन्होंने पहले से ईडी को दी हुई है और उनके पति शब्बीर शाह के नाम पर केवल उनका ऑफिस है। बाकी जो अटैच करने की बातें सामने आ रही हैं वो मीडिया से ही मैं भी सुन रही हूं।