जम्मू-कश्मीर की छह लोकसभा सीटों में से भाजपा के पांच उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी थी। मगर लद्दाख लोकसभा सीट पर शुक्रवार को बीजेपी ने प्रत्याशी की घोषणा की है। इस सीट से मौजूदा सांसद थुप्स्तन छिवांग हैं।
मगर उनकी मांग न पूरी होने के चलते उन्होंने इस बार चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। जिसके चलते भाजपा के युवा नेता व लद्दाख हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर जामियांग सीरिंग नाम्गयाल को इस बार लोकसभा चुनाव के लिए टिकेट दिया गया है।
लद्दाख के मौजूदा सांसद थुप्स्तन छिवांग ने यूनियन टेरीटरी फ्रंट बनाने की मांग पूरी न होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। मगर उनका स्तीफा अबतक मंजूर नहीं हुआ है।
पहली बार खुला था भाजपा का खाता
2014 के चुनाव में पहली बार भाजपा का लद्दाख संसदीय सीट से खाता खुला। इसके पहले हुए 11 चुनाव में छह बार कांग्रेस व एक बार नेकां ने जीत दर्ज की। तीन बार निर्दलीय प्रत्याशी सफल रहे। 1984 तक लगातार पांच बार कांग्रेस के कब्जे में यह सीट रही। 1989 में निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद हसन कमांडर ने कांग्रेस के विजय अभियान पर ब्रेक लगाया। 2004 व 2009 में भी निर्दल प्रत्याशी ही जीते। चार विधानसभा क्षेत्र नोबरा, लेह, कारगिल और जंस्कार इस संसदीय सीट के तहत आते हैं।