जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव में खलल डालने के लिए आतंकी संगठनों ने रणनीति बदल दी है। पहले आतंकी सेना और अर्द्धसैनिक बलों को निशाना बना रहे थे लेकिन अब पुलिसकर्मियों पर हमले बढ़ रहे हैं।
जन विरोध से बचने के लिए अब तक आतंकी जेएंडके पुलिस के जवानों पर सीधे हमले से बचते थे। अब पुलिस के स्थानीय जवानों को निशाना बनाकर आतंकी चुनाव बहिष्कार के लिए पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं।
चुनाव से पहले दहशत का माहौल बनाने की रणनीति के तहत हमले की तरीके और टारगेट में बदलाव किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि चुनाव से पहले अतंरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से आतंकी घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं।
पाक ने बढ़ाई आतंकियों की फंडिंग
सेना के उच्च पदस्थ अधिकारी मानते हैं कि पाकिस्तान ने अब आतंकी संगठनों को फंडिंग बढ़ाई है। इस कारण आतंकी संगठनों के पास साधनों और हथियारों में इजाफा हुआ है।
सेना के 10 इंफ्रेंट्री डिविजन के जनरल कमांडिंग अफसर मेजर जनरल एक के धर ने खुलासा किया है कि आतंकी संगठन अब एलओसी पर बारूदी सुरंगें बिछाने लगे हैं।
आतंकी सेना के जवानों पर फायरिंग कर घुसपैठ की कोशिश करते हैं। पाकिस्तानी सेना से उन्हें कवर फायरिंग मिलती हैं। बारूदी सुरंगों के कारण आतंकियों की तलाश में दिक्कतें आती हैं।
तारबंदी के पार जंगली इलाकों में आतंकियों की यह बदली रणनीति घुसपैठ बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
इस रणनीति पर चल रहे आतंकी
कश्मीर के सोपोर में एक दिन पहले आतंकियों ने पुलिस दल पर ग्रेनेड हमला किया जिसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हुआ और चार घायल हुए। इससे पहले अनंतनाग में भी आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी को मार डाला था।
सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले दहशत का माहौल बनाने के लिए आतंकी स्थानीय पुलिस जवानों को निशाना बना रहे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले आतंकियों ने पंचों और सरपंचों का निशाना बनाना शुरू किया था। उसके बाद कई इलाकों में पंचों और सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफे दिए।
अल कायदा ने किया ऐलान...
पंचायत के चुनाव के क्रम में और उसके बाद भी ऐसे हमले हुए थे। इन हमलों में अबतक लगभग एक दर्जन पंच-सरपंचों की हत्याएं हो चुकी हैं। विधानसभा चुनाव नवम्बर-दिसम्बर में होने वाले हैं।
उससे पहले फिर से पुलिसकर्मियों पर हमले बढ़ रहे हैं। चुनाव बहिष्कार के लिए माहौल बनाने के वास्ते पंचों और सरपंचों पर भी खतरे बढ़े हैं। नार्दन कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा का कहना है कि अफगानी आतंकियों की घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर सेना तैयार है।
अल कायदा ने कश्मीर में घुसपैठ का ऐलान किया है हिजबुल मुजाहिद्दीन की ओर से तालिबानियों से मदद की अपील की गई है। इन खतरों से निपटने को सेना की रणनीति बन चुकी है।