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Jammu News: पक्की नाैकरी सहित लंबित भुगतान के लिए अस्थायी कर्मियों का प्रदर्शन

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मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला
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- बिक्रम चौक से जलशक्ति विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय तक रैली निकालकर की नारेबाजी
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- कहा - उमर सरकार ने छह माह बाद भी मांग पूरी नहीं की

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वर्षों से पक्की नाैकरी का इंतजार कर रहे जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने वीरवार को नियमितीकरण, लंबित भुगतान सहित मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मियों ने बिक्रम चौक से मुख्य अभियंता कार्यालय तक रैली निकाली। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले एकत्र हुए प्रदेश भर के अस्थायी कर्मियों ने मांगें पूरी न करने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दोपहर 12 बजे सभा के बाद यूनियन के पदाधिकारी अस्थायी कर्मियों के साथ नारेबाजी करते हुए ज्वेल चौक, बिक्रम चौक होते हुए मुख्य अभियंता कार्यालय में पहुंचे और धरना शुरू किया। कर्मचारी नेता रवि हंस ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों के हक को मारने का काम कर रही है। बार-बार वादे कर मुकर रही है। छह माह पहले कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा था अब तक इस दिशा में काम पूरा नहीं हुआ है। 19 अक्तूबर को छह माह पूरे हो चुके हैं। विधानसभा सत्र वीरवार से श्रीनगर में शुरू हो चुका है लेकिन अफसोस इस विषय पर कोई बात किसी भी विधायक ने रखना उचित नहीं समझा। यूनियन ने चेतावनी दी कि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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ये हैं मुख्य मांगें- एसआरओ 64 के तहत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए
- लंबित भुगतान का लाभ दिया जाए।
- कई वर्षों से मानदेय में वृद्धि नहीं हुई है। इसे बढ़ाया जाए।
-अस्थायी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
- मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग पूरी की जाए।


वर्षों से कर रहे नौकरी, अब तक स्थायी नहीं किया
करीब 20 वर्ष होने को हैं। जलशक्ति विभाग में अब तक स्थायी नहीं हो सके। वाॅल्ब ऑपरेटर के पद पर बड़ी संख्या में कर्मचारी भविष्य की तरफ देख रहे हैं। सरकार को चाहिए कि इस तरफ गंभीरता से ध्यान दे। मानदेय बहुत कम है जिसमें परिवार को दो वक्त का खाना भी सही से नहीं खिलाया जा सकता।
-सुनील कुमार, वाॅल्ब ऑपरेटर, जम्मू साउथ

मानदेय नहीं बढ़ा रही सरकार,बार बार वादे से मुकर रही
-प्रदेश की उमर सरकार पीएचई अस्थायी कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। विभाग में अस्थायी रूप से कार्यरत ट्यूबवेल ऑपरेटरों के सामने यही संकट है। सभी इस बार एक मंच पर धरना देने पहुंचे हैं। बार बार मांग व वादों के बाद भी इसका स्थायी हल नहीं निकल पाया। वीरवार को धरना प्रदर्शन कर सभी ने एक बार फिर सरकार को चेताया है। इस बार यदि समाधान न मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदीप कुमार,जम्मू साउथ।

अस्थायी कर्मचारियों का न तो कोई भविष्य है और न ही सेवाा का मोल
-पीएचई विभाग में करीब 20 वर्ष से लाइनमैन के पद पर हैं। नियमितीकरण की आस पता नहीं कब पूरी होगी। जो भी सरकारें आईं उन्होंने केवल आश्वासन दिया। अब तक नियमतीकरण,स्वास्थ्य बीमा,मानदेय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी है। इस बार आंदोलन तेज कर अपनी मांगों को अस्थायी कर्मचारी मनवाएंगे।
रियाज अहम,डोडा

25 वर्षों की नौकरी में मानदेय केवल नौ हजार रुपये
-पीएचई विभाग में मेंटींनेंस विभाग के कर्मचारियों का भी यही हाल है। 25 वर्षों में प्रति माह नौ हजार रुपये का मानदेय पहुंचा है। इससे घर चलाना बहुत मुश्किल है। सरकार को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। जो अस्थायी कर्मचारी सेवा पूरी किए बिना ही इस संसार से चले गए उनके आश्रितों के लिए कोई सुविधा नहीं मिल रही।
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मोहम्मद अकबर,डोडा

मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला

मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला

मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला

मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला

मांगों को लेकर शहर भर में रैली निकालकर वापस लौटते पीएचई के अस्थायी कर्मचारी। अमर उजाला

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