संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। नगर परिषद के अस्थाई सफाई कर्मचारी आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। इससे बाजारों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कचरे के ढेर से आने वाली बदबू से लोग परेशान हैं। इस बीच नगर परिषद की ओर से भी कोई समाधान नहीं निकालने से लोगों में रोष है।
सफाई कर्मचारियों के मुख्यमंत्री से भेंट करने के बाद भी अभी तक उनकी मांगों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसकी वजह से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर डटे हैं। स्थानीय निवासी अजय कुमार, मनोज कुमार ने कहा कि कस्बे के मुख्य मोहल्ला बन तालाब में गंदगी के ढेर लगे हैं। इसे जल्द नहीं उठाया गया, तो बीमारियां फैल सकती हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन को समय से नोटिस दे दिया था कि वह हड़ताल पर जा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। बारिश के बाद परेशानी और बढ़ गई है। बाजारों व कस्बे के वार्डों में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी सफाई कर्मचारियों से शहर की सफाई करवाई जाए, ताकि राहत मिल सके।
जब तक मांगें पूरी नहीं की जातीं, हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इस बारे में लिखित में मिलने पर ही काम पर वापस आ सकेंगे।
- रवि रंधावा, जिला प्रधान, सफाई कर्मचारी संगठन
हमने निजी सफाई कर्मचारियों को शहर की सफाई के लिए लगाया है। मुख्य चौक हाईवे व आसपास के बाजारों से गंदगी के ढेर उठाए जा रहे हैं। कस्बे के लोगों से अनुराेध है कि जब तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, घर व दुकानों की गंदगी को बाजारों व गलियों में न फेंकें।
- जोधराज, सीइओ, नगर परिषद