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जम्मू-कश्मीर: फिर शुरू होंगी टेली परामर्श सुविधाएं, जितेंद्र सिंह ने सभी जिलाधिकारियों के साथ की बैठक

Sat, 22 May 2021 12:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

महामारी खत्म होने तक सेवानिवृत्त डॉक्टरों की भर्ती करके और मेडिकल छात्रों को नामांकित करके वेंटिलेटर का संचालन करने के लिए एक अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होगा।
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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलाधिकारियों के साथ कोविड-19 पर एक व्यापक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने ग्रामीण और होम आइसोलेशन रोगियों के लिए बड़े पैमाने पर मुफ्त टेली परामर्श सुविधाओं को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेली परामर्श के लिए शिफ्ट के आधार पर मान्यता प्राप्त डॉक्टरों के पैनल के लिए पहले से ही दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह जिला अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के बोझ को कम करने में काफी मददगार साबित होगा।

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मंत्री ने जिलाधिकारियों से गैरसरकारी संगठनों और युवा समूहों को भी शामिल करने के लिए कहा जो फोन पर मुफ्त चिकित्सा परामर्श देने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम महामारी से लड़ने के लिए सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे उपायों को भी निष्फल करेगा। डॉ जितेंद्र सिंह ने जिलाधिकारियों को कोरोना के लिए वॉर रूम स्थापित करने, निर्वाचित प्रतिनिधियों, डॉक्टरों और सिविल सोसायटी के सदस्यों के सहयोग को सूचीबद्ध करने और मीडिया के साथ नियमित अंतराल पर कोविड प्रबंधन की सकारात्मक खबरों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का निर्देश दिया।

जितेंद्र सिंह ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों, धार्मिक प्रमुखों और सिविल सोसायटी के सदस्यों को बड़े पैमाने पर शामिल करें और मिशन मोड में पीपुल फ्रेंडली टीकाकरण अभियान चलाएं। राज्य और जिलाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल में हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 के टीकों की आपूर्ति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अगले 15 दिनों का शेड्यूल मिलेगा, जिससे वे प्रत्येक जिले में टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता दे सकेंगे।

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जिलाधिकारियों के उठाए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्र सिंह ने उन्हें सलाह दी कि मानव संसाधन में कमी की समस्या का समाधान करने के लिए स्नातकोत्तर और स्नातक के अंतिम वर्ष के चिकित्सा छात्रों और नर्सिंग कर्मचारियों से जीएमसी और अन्य संबद्ध अस्पतालों में काम लिया जा सकता है।

कहा कि वह नियमित रूप से विभिन्न जिला प्रशासनों के साथ शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सौरा सहित जम्मू कश्मीर के दोनों क्षेत्रों के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं, और सभी समस्याओं का समाधान दैनिक आधार पर किया जा रहा है। कोविड-19 की समीक्षा और भविष्य की तैयारियों के लिए हुई इस वीडियो मीटिंग में जम्मू, श्रीनगर, ऊधमपुर, बांदीपोरा, पुंछ, राजोरी, पुलवामा, बारामुला, डोडा, कठुआ, शोपियां, कुपवाड़ा, गांदरबल, रियासी, सांबा, कुलगाम, किश्तवाड़, रामबन, बडगाम और अनंतनाग के जिलाधिकारी शामिल हुए। डॉ जितेंद्र सिंह ने उन्हें आगाह किया कि जब तक पूरे देश में महामारी के खिलाफ लड़ाई नहीं जीत ली जाती, तब तक पकड़ ढीली नहीं पड़नी चाहिए।
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