गैस सिलेंडर की सब्सिडी की राशि सीधे बैंक में जमा करने के लिए तैयार की गई डीबीटीएल योजना से सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील पर असर पड़ने की आशंका है। शिक्षक मिड-डे-मील की राशि से ही गैस सिलेंडर का खर्च निकालते थे। 450 रुपये का इंतजाम करना शिक्षकों के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं था, लेकिन अब 1000 रुपये सिलेंडर के लिए इंतजाम करना मुश्किल होगा।
शिक्षकों का कहना है कि इसके लिए शिक्षा विभाग को राशि में बढ़ोतरी करनी होगी। समय पर मिड-डे-मील की राशि न मिलने के कारण पहले ही शिक्षक परेशानियों से जूझ रहे थे कि अब डीबीटीएल योजना ने परेशानी को बढ़ा दिया है। जम्मू संभाग में करीब 15 हजार सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक विद्यार्थियों को मिड-डे-मील के रूप में एक वक्त का भोजन उपलब्ध करवाया जाता है।
मिड-डे-मील बनाने के लिए सिलेंडर की राशि का इंतजाम शिक्षकों को मिड-डे-मील की राशि से की करना होता है। पहले ही शिक्षक कम राशि से परेशान थे कि अब डीबीटीएल योजना ने परेशानी को बढ़ाने का काम किया है। स्कूलों को भी अब सब्सिडी की राशि बैंक के जरिये ही उपलब्ध होगी। इससे पहले स्कूलों को सिलेंडर लेने के लिए पूरी राशि गैस एजेंसियाें को देनी होगी।
सबसे अधिक परेशानी दूरदराज ग्रामीण इलाकों पर स्थित स्कूलों में तैनात शिक्षक हैं। शिक्षकों ने बताया कि कभी भी शिक्षा विभाग ने मिड-डे-मील की राशि समय पर उपलब्ध नहीं करवाई है। अब डीबीटीएल योजना के तहत गैस सिलेंडर के लिए 1000 रुपये की राशि भी शिक्षकों को अपनी जेब से ही निकालनी पड़ेगी। इस राशि को हासिल करने को उनको महीनों इंतजार करना पड़ेगा।