पैरा मेडिकल में जीएनएम की परीक्षाओं में देरी से गुस्साईं एएमटी स्कूल की छात्राओं ने मंगलवार को जीएमसी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि पैरामेडिकल कोर्सों को निर्धारित से दोगुने समय में भी पूरा नहीं किया जा रहा है। परीक्षाओं में लगातार देरी से वे नए कोर्सों और नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पा रही हैं।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने प्रिंसिपल कार्यालय का घेराव भी किया। ओपीडी कांप्लेक्स के बाहर धरने पर बैठीं छात्राओं के विरोध को देखते हुए जीएमसी में भारी पुलिस बल बुला लिया गया, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि परीक्षाओं के लिए स्टेट पैरामेडिकल काउंसिल को अवगत कराया गया है।
उम्मीद है कि मार्च तक परीक्षाएं आयोजित की जाएं। प्रदर्शन पर उतरीं पैरामेडिकल छात्राओं ने कहा कि जीएनएम के लिए उनका कोर्स वर्ष 2010 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2015 तक भी समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करवाई जा सकी हैं। जीएनएम के साढ़े तीन साल के कोर्स को पांच साल और उससे अधिक समय लग रहा है। इसी तरह अन्य पैरा मेडिकल कोर्सों में भी लेटलतीफी जारी है, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य लटक गया है।
छात्राओं का कहना है कि नियमों के मुताबिक हर साल सेशन खत्म होने के साथ परीक्षाएं आयोजित होनी चाहिए, लेकिन पिछले कई सालों से ऐसा नहीं हो रहा है। परीक्षाओं और नतीजों का कोई समय तय नहीं किया गया है। इस साल फरवरी में परीक्षाएं होनी चाहिएं, लेकिन उसे अब अप्रैल में करवाने के लिए कहा जा रहा है।
डिप्लोमा न मिलने के कारण अप्रैल में पोस्ट बीएसई के लिए विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सकते हैं और उनका एक साल फिर व्यर्थ चला जाएगा। इस दौरान छात्राओं ने एएमटी स्कूल की अव्यवस्थाओं को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि यहां पर्याप्त स्टाफ नहीं है। हास्टल में भी पानी आदि बुनियादी सुविधाओं के अभाव है।