जम्मू-कश्मीर का कुख्यात आतंकी रियाज नायकू एक निजी स्कूल में गणित का शिक्षक था। उसने जून 2022 में शिक्षा के मंदिर को छोड़ कर आतंकवाद का नापाक रास्ता चुना। हालांकि, उसे 7 मई 2022 को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।
नरवाल में हुए आईईडी धमाकों का मुख्य साजिशकर्ता आरिफ सरकारी शिक्षक निकाला। जम्मू-कश्मीर में किसी शिक्षक के आतंकवादी बनने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने आतंक का दामन थामा है।
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जम्मू-कश्मीर का कुख्यात आतंकी रियाज नायकू एक निजी स्कूल में गणित का शिक्षक था। उसने जून 2022 में शिक्षा के मंदिर को छोड़ कर आतंकवाद का नापाक रास्ता चुना। हालांकि, उसे 7 मई 2022 को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। 2022 में सरकार ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्त दो शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया था।
इसमें कश्मीर विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान का प्रोफेसर अल्ताफ हुसैन पंडित और स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक मोहम्मद मकबूल हजाम शामिल है। सरकार ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर समय-समय पर कार्रवाई करती है, जिनकी संलिप्तता आतंकी गतिविधियों में रही है।
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नरवाल आईईडी धमाके में शामिल आरिफ रहबर-ए-तालीम (आरईटी) के तहत शिक्षक नियुक्त हुआ था। पांच वर्ष तक अस्थायी रूप से सेवा देने के बाद वह नियमित हो गया था।